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Yashasvi jaswal : कभी गोलगप्पे बेचा, आज हैं भारतीय क्रिकेट टीम स्टार बल्लेबाज, जानिए सक्सेस स्टोरी

अभी भारत और इंग्लैंड के बीच विशाखापट्टनम में पांच दिवसीय 5डे क्रिकेट खेला जा रहा है। वही इस 5 डे क्रिकेट में भारत का पलड़ा भारी है और भारत की स्थिति अच्छी होने के पीछे एक स्टार बल्लेबाज का हाथ है वह है यशस्वी जसपाल।

जी हां हम उन क्रिकेटर के बात कर रहे हैं जिन्होंने इस मैच में दोहरा शतक ठोका है, आपको बता दें कि यह क्रिकेटर महज 22 साल के हैं, और इन्होंने 290 गेंद में 209 रन बनाए हैं। जिसके बाद भारतीय क्रिकेट टीम का पलड़ा भारी है तो चलिए जानते हैं उनकी सक्सेस स्टोरी।

इंग्लैंड के छुड़ाई पसीने

आपको बता दे की यशस्वी जैस्वाल ने शानदार पारी खेलते हुए भारत की स्थिति मजबूत कर दी है। उन्होंने दोहरा शतक जड़े, जहां पर 290 गेंद में 209 रन बनाए।

यशस्वी जयसवाल की पारी में आपको 19 चौकी और साथ छक्के देखने के लिए मिलेंगे। जिसके बदौलत अब भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में 396 रन का स्कोर खड़ा किया।

कभी जब में पैसे नहीं थी बेचनी पड़ी पानी पुरी

यशस्वी जैस्वाल अभी एक बेहद ही शानदार बल्लेबाज बन चुके हैं, और लोगों के दिल में बस चुके हैं, लेकिन यशस्वी शुरू से ऐसे नहीं थे।

उनकी स्थिति बहुत खराब थी, उन्होंने संघर्ष भरी जीवन की है। यह यशस्वी जयसवाल मुंबई के आजाद मैदान के बाहर गोलगप्पे बेचा करते थे यशस्वी ने अपने ट्रेनिंग के दौरान टेंट में भी सोया।

यशस्वी को खाली पेट सोना पड़ा था

यशस्वी जयसवाल अपनी पेट पालने के लिए आजाद मैदान में रामलीला के दौरान पानी पुरी गोलगप्पे और फल बेचते थे। जब उन्हें खाली पेट सोना पड़ा तो उन्होंने डेयरी के बिजनेस में अपना नौकरी किया, फिर उस नौकरी से उन्हें निकाल दिया गया।

वहीं एक क्लब को रिकियस्ट करने के बाद एक क्रिकेट क्लब में वह शामिल हो गए क्रिकेट क्लब में उनका काम होता था बॉल खोजना और रोटी बनाना।

कोच ने बदल दी यशस्वी की जिंदगी

आजाद मैदान में प्रैक्टिस मैच के दौरान बॉल खो जाना एक आम बात होती है। ऐसे में यशस्वी बॉल खोज कर लाते थे वहीं इसी दौरान उन्होंने एक दिन बल्ला पकड़ और बैटिंग करने लगे तभी उनके ऊपर नजर एक कोच की परी और उन्होंने यशस्वी की जिंदगी बदल दी।