कोई एड़ा ही होगा जो नहीं खाना चाहेगा यहाँ का पेड़ा, जानिए क्या है यहाँ के मिठाई की खूबी
नवगछिया से कुरसेला अगर आप NH-31 से जा रहे हैं तो आपको यादव पेड़ा भंडार से उठने वाली खुशबू आपको बिना पेड़ा खाए आगे नहीं बढ़ने देगी।
यादव पेड़ा भंडार के मालिक धनंजय यादव बताते हैं कि वे करीब 4 साल से यहां पर पेड़ा बनाने का व्यवसाय कर रहे हैं। पहले तो छोटी सी झोपड़ी में पेड़ा बनाने की शुरुआत की थी, जो अब बढ़ते हुए रोजाना के 1 से 2 क्विंटल दूध की खपत पर पहुंच गई है।
धनंजय बताते हैं कि दियारा क्षेत्र से दूध मंगाकर वे यहां पेड़ा बनाते हैं। पेड़ा बनाने में उसकी शुद्धता और स्वाद का ध्यान रखा जाता है। इस पेड़े को शुगर के मरीज भी आसानी से खा सकते हैं क्योंकि इसमें कम चीनी में मिलाई जाती है।
वह इस दुकान पर पेड़े के अलावा शुद्ध घी से बनी मिठाई भी बेचते हैं। पर यहां का मुख्य आकर्षण पेड़ा ही है। इस दुकान पर पेड़ा लेने पहुंचे पटना के आशीष कुमार बताते हैं कि हमलोग जब भी इस रास्ते से गुजरते हैं, अपनी गाड़ी यहां रोककर पेड़े की खरीदारी जरूर करते हैं।
धनंजय बताते हैं कि हमारा पेड़ा सिर्फ भागलपुर क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि अपने जिले से बाहर और दूसरे राज्यों में भी जाता है। एनएच 31 पर दुकान होने के कारण इस रूट के प्रायः सभी यात्री यहां से पेड़ा लेना नहीं भूलता।
पेड़ा महेशखुट के करवा मोड़ को देता है टक्कर
धनंजय बताते हैं कि हमारा पेड़ा महेशखुट के करवा मोड़ के पेड़े को टक्कर देने वाला है। आसपास में पेड़ों की बहुत सारी दुकानें हैं, लेकिन उन सबों में से मेरे पेड़े की दुकान मशहूर है। लोग यहां दूर-दूर से पेड़ा लेने को आते हैं। अगर आप भी इसका स्वाद लेना चाहते हैं तो यहां जरूर आएं।


