पटना में पहली बार होगा कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन, देशभर से जुटेंगे ख्याति प्राप्त पहलवान

बिहार के हर गांव गांव तक पहुंचकर भारतीय कुश्ती महासंघ के द्वारा लोगों में कुश्ती के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जायेगा लेकिन इससे पहले बिहार की राजधानी पटना में पहली बार एक बड़े स्तर पर मल्लयुद्ध प्रतियोगिता को आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोजित में वैश्विक स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चुके देशभर के पहलवान जुटेंगे।

एशियन चैंपियन और भारतीय कुश्ती महासंघ (Indian Wrestling Federation) भारतीय पद्धति के राष्ट्रीय अध्यक्ष महाबली रामाश्रय पहलवान ने रविवार को कहा कि मिट्टी की कुश्ती भारतीय परंपरा की धरोहर है. जरूरी है कि इसकी पहचान बरकरार रहे, क्योंकि वक्त के साथ लोग इसे भूलते जा रहे हैं।

बता दे कि बिहार के युवओं को कुश्ती कला के प्रति जागरूक करने के लिए भारतीय कुश्ती महासंघ भारतीय पद्धति के तत्वाधान में बिहार कुश्ती संघ भारतीय पद्धति का गठन किया गया है, बिहार में बिलुप्त हो रहे कुश्ती को पुनः जीवित करने के लक्ष्य के साथ इस काम को शुरू किया गया है। राज्य के पूर्व मंत्री ददन यादव को अध्यक्ष और कामेश्वर सिंह को महासचिव मनोनीत किया गया है।

ददन पहलवान ने कहा कि बिहार में बाढ़, बढ़ैया, लखीसराय, गया, रोहतास, मधेपुरा, बेगूसराय, अंग प्रदेश, मोतिहारी जैसे जगह कुश्ती और मल्लयुद्ध के गढ़ रहे हैं लेकिन यह प्राचीन परंपरा अब खोती जा रही है. कुश्ती के वजह से पूरे विश्व में भारत का मान-सम्मान था. मगर आज की पीढ़ी इन सभी बातों को भूल चुकी है. उन्होंने कहा कि कुश्ती मानसिक और शारीरिक रूप से लोगों को मजबूत बनाती है।