बिहार के सुप्रभात वत्स बने गूगल इंडिया के वाइस प्रेसीडेंट, कई देशों के ऑफर को ठुकराया
बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले सुप्रभात वत्स ने कई देशों के ऑफर को ठुकराते हुए अपनी प्रतिभा व लगन के बल पर ऐसा मुकाम हासिल किया है जिसकी चर्चा पूरे बिहार ही नहीं बल्कि भारतवर्ष में हो रही है। जिले के गंगजला निवासी प्रो. डा. विनय कुमार चौधरी के 21 वर्षीय पुत्र सुप्रभात वत्स गूगल इंडिया के वाइस प्रेसीडेंट बने है।
अपने ही देश में करना चाहते है काम
पिछले महीने सुप्रभात ने गूगल इंडिया के हरियाणा के गुरुग्राम स्थित हेड ऑफिस में अपना योगदान दिया, सुप्रभात की प्रतिभा को समझते हुए अमेरिका की तीन यूनिवर्सिटी आक्सफोर्ड, हार्वड और स्टेनफोर्ड ने कंप्यूटर साइंस में इंटीग्रेटेड कोर्स विथ पीएचडी के लिए पूरी स्कालरशिप देने की घोषणा कर चुकी है।
कोर्स ख़त्म होने पर सैलरी देने की भी बात कही गई है लेकिन इसके बावजूद सुप्रभात वत्स अपने देश में ही रहकर काम करना पसंद किया, वे बताते है कि देश में काम करने से गर्व और सुकुन होता है कि मेरी पढ़ाई-लिखाई और प्रतिभा देश के काम आएगी।
कई विषयों में महारथ हासिल
सुप्रभात के पिता डा. विनय चौधरी बताते है कि वह बचपन से मेधावी रहा है, उन्होंने कंप्यूटर साइंस के उन 17 विषयों पर गहनता से दक्षता हासिल किया है जो देश की साइबर सुरक्षा के लिए अहम है। इनमें साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के अलावा मानव दिमाग को हैक करने से बचाने की विधा शामिल है। अब तक वह कई अन्य राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में काम कर चुके है।

