बिहार की बेटियों ने बढ़ाया पिता का मान, दो सगी बहनें एक साथ बनी दरोगा

बिहार दारोगा बहाली के रिजल्ट को लेकर नवादा जिले के एक प्रेरणा देने वाली खबर है। जिले के छोटे दुकानदार की दो बेटियों ने एक साथ दारोगा बनकर अपने माता-पिता के साथ साथ पूरे परिवार का नाम रौशन कर दिया।

इस उपलब्धि से उनका परिवार फूले नहीं समा रहा है। पूरे इलाके में इस बात की चर्चा जोरों पर है। नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए दोनों बहनें प्रेरणा श्रोत बन गई हैं।

जिले के पकरीबरावां बाजार निवासी मदन साव एवं रेखा देवी की पुत्री पूजा कुमारी एवं प्रिया कुमारी ने दारोगा की परीक्षा में सफलता पाई। एक छोटी सी दुकान चलाने वाले मदन साव कहते हैं कि आज उनका सपना पूरा हो गया है।

Madan Sao, who runs a small shop, says that today his dream has come true
छोटी सी दुकान चलाने वाले मदन साव कहते हैं कि आज उनका सपना पूरा हो गया है

दो बेटियां सफलता का इतिहास रच गाँव का नाम किया रौशन

उनकी दो बेटियां सफलता का इतिहास रच अपने परिवार एवं गांव का नाम रोशन की है। पूजा ने प्रथम प्रयास में जबकि प्रिया ने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है।

भूमिहार टोला निवासी स्व.अरुण कुमार सिंह एवं राजकीय कन्या मध्य विद्यालय पकरीबरावां की शिक्षिका अमोला कुमारी की पुत्री निभा कुमारी भी दारोगा बनी हैं।

Pooja Kumari and Priya Kumari got success in the examination of the inspector
पूजा कुमारी एवं प्रिया कुमारी ने दारोगा की परीक्षा में सफलता पाई

इधर, धमौल पंचायत के तुर्कवन गांव की रहने वाली चंदा कुमारी ने भी सफलता पाई है। दारोगा बनकर उसने अपने गांव का नाम रोशन की है। उसके पिता दिनेश पासवान पंचायत सचिव है।

शुरू से ही बिहार पुलिस के लिए तैयारी

छोटी सी दुकान चलाने वाले मदन साव की बेटी पूजा एवं प्रिया ने शुरू से ही बिहार पुलिस के लिए तैयारी कर रही थीं। उनका सपना था कि कम से कम सब इंस्पेक्टर बनें।

Pooja Kumari and Priya Kumari with their families
पूजा कुमारी एवं प्रिया कुमारी अपने परिवार के साथ

दोनों बहने पढ़ाई के साथ फिजिकल तैयारी भी करती थीं। गुरुवार को बिहार दारोगा भर्ती परीक्षा का रिजल्ट आया कि इस परिवार में खुशियों की लहर दौड़ गई।

लक्ष्य हासिल करने में पूजा एवं प्रिया के नाना नानी ने भरपूर सपोर्ट किया

पूजा ने बताया कि उसका यह पहला था जबकि उसकी बहन प्रिया को दूसरे प्रयास में यह सफलता मिली। दोनों की शुरूआती पढ़ाई गंव पकरीबरावां से हुई।

Puja and Priyas maternal grandparents supported a lot in achieving the goal.
लक्ष्य हासिल करने में पूजा एवं प्रिया के नाना नानी ने भरपूर सपोर्ट किया

गांव के स्कूल से दसवीं बोर्ड पूरा करने के बाद दोनों बहनों ने कृषक महाविद्यालय धेवहा से प्लस 2 और डिग्री की पढ़ाई की। पिता ने कम आमदनी के बावजूद दोनों का भरपूर सहयोग किया।

उनकी पढ़ाई और तैयारी में नानी घर के रिश्तेदारों ने भी मदद की। पूजा और प्रिया बताती हैं कि सेल्फ स्टडी और ग्रुप स्टडी से उन्हें काफी लाभ मिला।

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