बिहार के इस जिले में बनता है मशहूर लाजवाब तिलकुट,पूरे देश में होती है चर्चा,गजब का है स्वाद

The famous tilkut of Bihar Gaya
The famous tilkut of Bihar Gaya
गया का प्रसिद्ध तिलकुट

बिहार के गया का तिलकुट का कोई जवाब नहीं मुख्य मंडी रमना और टेकरी रोड में स्थित सारे तिलकुट के दुकानों में मकर सक्रांति से लगभग 3 से 2 महीने पहले तिलकुट बनने का काम शुरू हो जाता है यहां के तिलकुट का स्वाद लाजवाब होता है|

तिलकुट का खास महत्व मकर सक्रांति के समय होता है| इस पर्व पर पर तिल के लड्डू और तिल की मिठाइयां वगैरह खूब बिकते हैं. बाजार तिलकुट की सोंधी खुशबू से गुलजार रहता है|

The famous tilkut of Bihar Gaya
तिलकुट खाने के लिए मकर संक्रांति के दिन को काफी महत्व दिया गया है।

गया का तिलकुट है मशहूर

आपने मुरैना की गजक के बारे में तो सुना ही होगा, इसी तरह गया का तिलकुट भी बहुत फेमस है. बिहार के गया से तिलकुट बनाने वाले कारीगर देश के विभिन्न हिस्सों में जाते हैं और वहां तिलकुट तैयार करते हैं.

गया के तिलकुट की खुशबू और इसके स्वाद का ही जादू है कि प्रवासी भारतीयों के माध्यम से विदेशों तक भी यह लोकप्रिय हो गया है|

The famous tilkut of Bihar Gaya
पूरे भारत भर में है गया कि तिलकुट की मांग

गया में तिलकुट की मुख्य मंडी रमना और टिकारी रोड में है, जहां का तिलकुट बड़ा ही लाजवाब होता है. मकर संक्रांति के डेढ़-दो महीने पहले से ही तिलकुट बनाने का काम शुरू हो जाता है|

विदेशी पर्यटक को भी भाता है तिलकुट

गया महाबोधि मंदिर से काफी चर्चित है मुक्तिधाम के लिए अंतरराष्ट्रीय पर्यटक यहां पर आते हैं|  दिसंबर और जनवरी महीने के बीच यहां जो भी विदेशी पर्यटक तिलकुट का स्वाद जाते हैं वह समझ गए दीवाने हो जाते हैं इस स्वादिष्ट व्यंजन को अपने साथ विदेश ले जाते हैं|

The famous tilkut of Bihar Gaya
मकर सक्रांति के दिन तिलकुट का होता है अलग महत्व

गया के तिलकुट के स्वाद का कहीं जोड़ ही नहीं है. गया में वर्षों से तिलकुट बनाने वाले कारीगर रामजी साह बताते हैं कि प्रधानमंत्री रहते हुए एक बार इंदिरा गांधी ने भी यहां के तिलकुट का स्वाद लिया था और इसकी प्रशंसा की थी.

गया के तिलकुट में क्या है खास

गया के तिलकुट में ऐसा क्या है खास? तिलकुट बनाने वाले एक अन्य कारीगर अवधेश बताते हैं कि हाथ से कूट कर बनाए जाने वाला तिलकुट इतना खस्ता होता है कि जोर से छू लेने भर से यह टूट जाता है.|

कारीगरों के कड़ी मेहनत और मशक्कत के बाद बनता है तिलकुट

तिल को साफ कर, अच्छे से भूंज कर इसे चीनी या गुड़ की चाशनी के साथ कूटा जाता है.|इसमें मेवे मिलाए जाते हैं. तब जाकर यह बेहद स्वादिष्ट हो जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि गया से अच्छा तिलकुट कहीं मिलना संभव नहीं है|

इस मोहल्ले के तिलकुट है सबसे प्रसिद्ध

गया के रमना मुहल्ले के एक कारीगर बताते हैं कि सबसे पहले रमना में ही तिलकुट बनना शुरू हुआ था. अब तो टेकारी, कोयरीबारी समेत कई जगहों पर तिलकुट बनाया जाता है. सैकड़ों परिवारों का यह खानदानी पेशा बना हुआ है|

The famous tilkut of Bihar Gaya
जगह जगह पर दुकान व स्टाल में होती है बिक्री

गया में बनने वाले तिलकुट उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरा के अलावा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, पाकिस्तान आदि देशों में सप्लाई होते हैं. वहीं फिजी, मॉरीशस, यूके, यूएस समेत कई देशों में यह पसंद किया जाता है.