Bihar Board Topper 2024: पिता चलाते है टैक्सी, बेटी बनी बिहार बोर्ड 10वीं की स्टेट टॉपर

Taxi Driver Daughter Becomes Bihar Board Topper 2024

बिहार बोर्ड द्वारा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2024 का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। विद्यार्थी BSEB की ऑफिसियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in या results.biharboardonline.com पर जाकर, अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं।

Bihar Board BSEB 10th Topper List 2024 में इस बार कई लड़कियों ने भी बाजी मारी है। उनमें से ही एक नाम है पलक कुमारी का जिन्होंने पूरे बिहार में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया है। आईये जानते है उनके बारे में।

बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में पलक को तीसरा स्थान

Palak got third rank in Bihar Board 10th exam 2024
बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में पलक को तीसरा स्थान

बिहार के सारण जिले की रहने वाली पलक कुमारी ने कुल 500 अंकों में से 486 मार्क्स प्राप्त किए है। उन्होंने गांव के ही प्लस टू स्कूल हुस्सेपुर से ही अपनी पढाई की हैं।

बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा में तीसरा स्थान पाने वाली पलक सारण जिले के एकमा प्रखंड के धानाडीह (रसूलपुर पंचायत) की रहने वाली है। वहीँ इस बार बिहार बोर्ड मैट्रिक टॉपर शिवांकर बने है।

बचपन से IAS बनने का है लक्ष्य

पलक को पहले से ही ऐसी उम्मीद थी कि वह बेहतर अंकों से पास होगी। क्योंकि रिजल्ट जारी करने से पहले ही बिहार बोर्ड द्वारा उसका इंटरव्यू लिया गया था।

जब परिणाम सामने आया तब पलक की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने बताया कि वह आइएएस बनना चाहती है। बचपन से ही यह उसका लक्ष्य है।

पलक ने कहा कि – “गांव की बेटियां किसी से कम नहीं होतीं। गांव में पढ़ाई का बेहतर माहौल मिल रहा है।” उसने आगे कहा कि – “गांव की बेटियों को भी उचित अवसर मिले और अभिभावक भी कम उम्र में अपनी बेटियों की शादी करना बंद करें।”

पलक के पिता कोलकाता में चलाते है टैक्सी

पलक के पिता राजेश कुमार सिंह कोलकाता में टैक्सी चलाते हैं। जिस समय बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट अनाउंस हो रहा था, उस समय भी पलक के पिता कोलकाता के किसी सड़क पर टैक्सी चला रहे थे।

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा में थर्ड रैंक मिलने की खबर पलक की मां सरोज देवी ने सबसे पहले उन्हें दी। जिसके बाद लगभग 15 मिनट तक वह अपनी बेटी से बात करते रहे। फोन पर दोनों की आंखों में आंसू थे।

घर में आज तक नहीं लगा टेलीविजन

पलक के पिता 15 से 18 हजार रूपए महीने की कमाई करते हैं। उनकी कमाई का ज्यादातर हिस्सा बच्चों की पढ़ाई में ही खर्च होता हैं।

पलक का बड़ा भाई विकास कुमार सिंह भी 12वीं का स्टूडेंट हैं। उसे भी 10वीं की परीक्षा में 86 फीसदी अंक प्राप्त हुए थे।

उनके घर में आज तक टेलीविजन नहीं लगाया गया है। वहीं सिर्फ एक ही फोन है जो की पलक की मां के पास रहता है। जिससे अक्सर पिता से बातचीत होती है।

बच्चों को पढ़ाने के लिए नहीं छोड़ी कोई कमी

मीडिया से हुई बातचीत में पलक के पिता ने बताया कि उन्होंने जीवन भर संघर्ष किया है। अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए उन्होंने कोई कमी नहीं छोड़ी है।

दोपहर के समय वो एक प्राइवेट कंपनी के लिए तो टैक्सी चलाते ही हैं। वहीं कई बार कुछ एक्स्ट्रा आमदनी कमाने के लिए सुबह व शाम के शिफ्ट में भी टैक्सी चला लेते हैं।

गांव में कमाई नहीं होती थी। जिस वजह से वह कोलकाता चले गये थे। पलक के पिता खुद आठवीं तक पढ़े थे। इसलिए उन्हें कोई बढ़िया रोजगार नहीं मिल पाया। ऐसे में टैक्सी चलाने लगे।

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