क्या है बिहार का ‘सुखेत मॉडल’ जिसकी PM नरेंद्र मोदी ने मन के बात में की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में बिहार के मधुबनी जिले का जिक्र किया। मधुबनी जिले के अंतर्गत आने वाला सुखैत गांव अपने एक मॉडल के लिए काफी लोकप्रिय है जिसकी पीएम ने जिक्र करते हुए काफी तारीफ की और प्रत्येक पंचायत से मॉडल अपनाने की अपील की है। पीएम द्वारा मन की बात में सुखैत गांव का जिक्र किए जाने से गांव के लोग काफी प्रसन्न हैं।
क्या है सुखैत मॉडल
दरअसल बिहार के मधुबनी जिले के सुखेत (Sukhet Model Bihar) गांव के ग्रामीणों को कचरे से कमाई योजना के तहत कचरे के बदले न सिर्फ घरेलू गैस मुफ्त में मिल रही है, बल्कि खेती-बारी के लिए जैविक खाद की जरूरतें भी आसानी से पूरी हो जाती हैं।
मालूम हो कि बीते साल फरवरी महीने में डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के कुलपति डॉ रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने कचरे से कमाई योजना का आगाज कर इस गांव को यह सौगात दिया था।
कार्यक्रम के दौरान डॉ रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा था कि इस योजना के तहत हर घर में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिये हरा और नारंगी रंग का डस्टबिन उपलब्ध कराया गया है, जिसमें कचरा जमा होने के बाद विश्वविद्यालय की ओर से घर- घर जाकर कचरे का उठाव कराया जाता है और उससे वर्मी कम्पोस्ट बनाकर उसकी बिक्री की जा रही है।
योजना काफी फायदेमंद
इस योजना से गांव के 15 से भी अधिक परिवार को रोजगार मिला है साथ ही गांव में कचरे के बदले ग्रामीणों को दो महीने पर एक सिलिंडर दिया जा रहा है. खास बात ये है कि सिलिंडर पर मिलने वाला सब्सिडी भी ग्रामीणों के खाते में ही जायेगी। एक तरफ जहाँ इससे बहुत बड़ी समस्या हल हो रही है वही दूसरी तरफ स्वास्थ्य के लिहाज से भी ये योजना काफी फायदेमंद है, क्योंकि व्यवस्थित तरीके से कचरा जमा करने पर गांव में जहां साफ-सफाई रहती है वहीं योजना के तहत मिलने वाली घरेलू गैस पर खाना बनाने से गांव की महिलाओं को धूएं से भी निजात मिलेगी जिससे उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।

