कॉलेज में एक भी शिक्षक नही थे,सेल्फ स्टडी के बदौलत किया बिहार टॉप,जानिए कॉमर्स टॉपर की कहानी
बिहार बोर्ड इंटर का रिजल्ट जारी हो चुका है इस बार रिजल्ट जो है काफी बेहतर हुआ जी हां 8 सालों के बाद ऐसा हुआ कि इस बार का परिणाम काफी ज्यादा अच्छा रहा और वही जितनी जल्दी बोर्ड ने परीक्षा का रिजल्ट जारी किया पूरे देश भर में रिकॉर्ड भी बना लिया

लेकिन बता दे आपको कि इस बार जो रिजल्ट जारी हुआ है एक बार फिर से बेटियों ने ही परचम लहराया है जी हां कॉमर्स स्ट्रीम की बात करें साइंस स्ट्रीम की बात करें या फिर आर्ट्स स्ट्रीम की बात करें इन तीनों एक्सट्रीम में टॉप पर जो रहे हैं वह बेटियां ही रहे हैं ।

लेकिन वही कॉमर्स स्ट्रीम की बात करें तो इस स्ट्रीम में जो सौम्या शर्मा है उन्होंने टॉप किया है लेकिन टॉप सिक्स में ऐसा रहा जो कि 13 में से 11 ऐसी लड़कियां हैं जिन्होंने अपना स्थान बनाया है वही अब कॉलेज की बात करें जिस कॉलेज से यह टॉपर रही हैं सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज जोकि औरंगाबाद में स्थित है उस कॉलेज की स्थिति ऐसी है जहां से कॉमर्स स्ट्रीम के टॉपर्स निकले हैं वहां पर शिक्षक ही नहीं थे विषय की पढ़ाई के लिए

यह बात सुनकर आप भी हैरान हो गए होंगे यह एक बुरी बात भी है और कहीं ना कहीं एक अच्छी बात भी है कॉलेज के लिए जिस कॉलेज में शिक्षक में है वहां से बच्चे टॉपर बंद कर निकलते हैं अगर शिक्षक होते तब क्या होता है छात्र और छात्राएं जो उस कॉलेज से टॉप किए हैं और वहां से बेहतर परिणाम पा सकते थे।

कॉमर्स में 5 टॉपर देने वाले सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज में कॉमर्स के एक भी शिक्षक नहीं है दरअसल यह खबर जो है दैनिक भास्कर में छपी है और भास्कर के माध्यम से हम बता रहे हैं कि कॉमर्स में जिन 5 बच्चों ने टॉप किया उनके कॉलेज में विषय के शिक्षक ही नहीं है और टॉप थ्री में 21 बेटियां है।
ऐसे में टॉपर जो है self-study और निजी कोचिंग के सहायता से अपनी तैयारी की और कॉलेज में लगभग 12 से 15000 छात्र-छात्राएं है जिनमें सबसे ज्यादा कॉमर्स के हैं जिसमें 25 से 30 अतिथि शिक्षक जो है वहां पर उपस्थित है जबकि उस कॉलेज में केवल 11 शिक्षा के परमानेंट है।

इस मामले को लेकर कॉलेज के प्रिंसिपल अरविंद कुमार ने बताया कि कॉलेज में संसाधनों की कमी नहीं है शिक्षकों की कमी है जो कॉलेज है सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज वहां पर शिक्षकों की कमी है लेकिन संसाधनों की कोई कमी नहीं है लेकिन सवाल यह उठता है कि जिस कॉलेज से टॉपर वीडियो ने परचम लहराया उस कॉलेज के सभी अच्छे शिक्षक होते हैं। उन बच्चों को अच्छा गाइडलाइन मिलता सही तरीके से चीजें पढ़ाई जाती तो वहां का परिणाम और भी बेहतर हो सकता था


