बिहार में अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त, अचानक हो जाएंगे बेरोजगार

Service of guest teachers ended in Bihar

बिहार लोक सेवा आयोग से दो चरणों की हुई शिक्षक भर्ती के बाद अब अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त जाएगी। राज्य के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में गेस्ट टीचरों की सेवा जल्द ही समाप्त होने वाली है।

इसके संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों के लिए पत्र भी जारी किया गया है।

बिहार में अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त

दरअसल बिहार के सभी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 01 अप्रैल 2024 से अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट कर दिया है कि 1 अप्रैल, 2024 के बाद किसी भी परिस्थिति में अतिथि शिक्षकों की सेवा नहीं ली जाए।

कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा है कि – “पुरे बिहार भर में 94 हजार 738 शिक्षकों की नियुक्ति के बाद इन अतिथि शिक्षकों की सेवा लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।”

शिक्षक नियोजन होने तक ही अतिथि शिक्षकों की सेवा

शिक्षा विभाग के संकल्प संख्या 51, दिनांक 25.01. 2018 का हवाला देते हुए कहा गया है कि – “राज्य के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में निर्धारित पारिश्रमिक पर सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों की सेवा ली जा रही है।

संदर्भित संकल्प में किये गये प्रावधान के अनुसार अतिथि शिक्षकों की सेवा शिक्षक नियोजन होने तक ली जानी थी।”

छह साल बाद अचानक हो जाएंगे बेरोजगार

बिहार सरकार के इस फैसले के मुताबिक 3000 से ज्यादा अतिथि शिक्षकों की सेवा 31 मार्च 2024 के बाद खत्म होने जा रही है।

ज्ञात हो कि 25 जनवरी, 2018 यानी पिछले छह साल से विभिन्न जिलों में काम कर रहे ये शिक्षक अचानक बेरोजगार हो जाएंगे। इस फैसले के बाद कई अतिथि शिक्षकों ने दुख जताया है और इस पर विचार करने की मांग रखी है।

स्थायी तौर पर शिक्षक बनने का मिले मौका

बता दे की राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए वर्ष 2018 में गेस्ट टीचर्स को रखा गया था। इसके लिए जिलावार स्कूलों की लिस्ट जारी गई थी और जिन स्कूल में जिस विषय के शिक्षक नहीं थे, वहां इन्हें रखा गया था।

साल 2018 में 5440 अतिथि शिक्षकों की आवश्यकता महसूस की गई थी। करीब 4200 अतिथि शिक्षकों की सेवा ली गयी। बीच-बीच में इनकी सेवा समाप्त भी होती गयी।

इन अतिथि शिक्षकों ने भी नियोजित शिक्षकों की तर्ज पर नियुक्ति की मांग की थी। वे चाह रहे थे कि उन्हें भी सक्षमता परीक्षा लेकर स्थायी तौर पर शिक्षक बनने का मौका मिले।

अतिथि शिक्षक नहीं होने का देना होगा प्रमाण पत्र

फिलहाल नौवीं और 10वीं के लिए 37 हजार 847 और 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए 56 हजार 891 शिक्षकों अर्थात कुल 94 हजार 738 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी है।

यही नहीं, उन्हें विद्यालयों में ज्वाइनिंग भी करवाया जा चुका है। वे अपने-अपने स्कूलों में सेवाएं भी दे रहे हैं। ऐसे में अतिथि शिक्षकों को सेवा में बनाये रखने की कोई आवश्यकता नहीं है।

निदेशक ने कहा कि – “ऐसे में 1 अप्रैल से उनकी सेवा नहीं ली जाए। यही नहीं उन्होंने इस संबंध में अपने जिले में कोई अतिथि शिक्षक नहीं होने का प्रमाण पत्र देने को कहा है। विभाग को यह प्रमाण पत्र 3 अप्रैल तक भेजने का निर्देश दिया गया है।”

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