बिहार में 7 जिलों में बेहतर बनेंगी ग्रामीण सड़कें, ग्रामीणों को व्यापार में मिलेगी मदद
बिहार के सात जिलों में करीब 278.35 किमी लंबाई में ग्रामीण सड़कें अब बेहतर बनेंगी। राज्य सरकार इन सड़कों को अपने खर्च पर बेहतर बनवायेगी।
इन सभी के लिए निर्माण एजेंसी का चयन टेंडर के माध्यम से किया जाएगा और फिर दिसंबर से काम शुरू होने की संभावना है। इन सड़कों के बेहतर हो जाने स ग्रामीणों को सुविधा होगी।
सात जिले की सड़कें होंगी बेहतर
राज्य के सात जिले जहां की सड़कें बेहतर बनायी जाएंगी उसमें पटना, नालंदा, बांका, जमुई, शेखपुरा, भागलपुर और मुंगेर जिला शामिल हैं।

इन सभी जिलों में ग्रामीण सड़कों को बेहतर बनाने के लिए करीब 176 करोड़ 91 लाख रुपये की मंजूरी ग्रामीण कार्य विभाग ने दे दी है।
बेहतर आवागमन की होगी सुविधा
जिलों की सड़कों को बेहतर बनाने का मकसद ग्रामीण इलाकों में बेहतर आवागमन सुविधा विकसित करना है। इससे ग्रामीणों को कृषि सहित रोजी-रोजगार और व्यापार में मदद मिलेगी।
पिछले दिनों इन सड़काें को बेहतर बनाने के लिए विभागीय अधिकारियों और इंजीनियरों की बैठक हुई थी। उस बैठक में सड़कों को बेहतर बनाने का निर्णय लिया गया था।
जर्जर हाल में है सड़क
सूत्रों के अनुसार सभी ग्रामीण सड़कें पहले से बनी हुई थीं. लेकिन ये सभी सड़क जर्जर हाल में हैं। इस कारण सड़कों पर आवागमन प्रभावित हो रहा था। इन सभी सड़कों को अब मरम्मत कर बेहतर बनाया जायेगा।
बेहतर बनायी जा रही सड़कों में सबसे अधिक लंबाई में पटना जिले में करीब 94 किमी लंबाई में सड़कों को बेहतर बनाया जायेगा। वहीं दूसरे नंबर पर भागलपुर जिले की सड़कों का मरम्मत होगा।

यहां करीब 85 किमी लंबाई में सड़कों को बेहतर बनाया जायेगा। इसके साथ ही तीसरे नंबर पर शेखपुरा जिला में करीब 40.31 किमी लंबाई में सड़कों को बेहतर बनाया जायेगा।
ग्रामीणों को होगी सुविधा
राज्य के ग्रामीण इलाकों में खेती-बाड़ी होने और तैयार अनाज को मंडी या बाजार तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कों की आवश्यकता होती है।
ऐसे में ग्रामीण सड़कों की चौड़ाई बढ़ने सहित उनका मेंटेनेंस होने से ग्रामीण इलाकों के लाेगों को यातायात की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। और साथ ही किसान अपने फसलों को भी आसानी से मंडी तक ले जा पाएंगे।


