बिहार: परिवहन विभाग ने नई पहल, आंख की रोशनी में गड़बड़ी पाई गई तो नहीं चला पाएंगे गाड़ी
बिहार में परिवहन विभाग ने एक नई पहल की है जिसके तहत व्यवसायिक वाहन चालकों की नियमित रुप से आंख जांच होगी। जी हाँ, इस सम्बन्ध में बहुत ही जल्द परिवहन विभाग आदेश जारी करेगा जिसके बाद जिला स्तर पर कैंप लगाकर ड्राइवरों की आंख जांच कराया जायेगा। बता दे की पिछले दिनों सड़क सुरक्षा सप्ताह में ट्रक ड्राइवरों की आंख जांच की गई थी जिसमें काफी संख्या में ड्राइवरों की आंख की रोशनी में गड़बड़ी पाई गई थी।
इस जाँच में जिन ड्राइवर्स के आंख की रोशनी में गड़बड़ी पाई जाएगी उन्हें वाहन चलने से रोका जायेगा, इन ड्राइवर्स की लिस्टिंग कर ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी डीटीओ के पास भेजी जाएगी, ताकि डीटीओ कार्यालय उस पर निर्णय ले सके।
आमतौर पर ट्रक व अन्य व्यावसायिक वाहनों के ड्राइवर की उम्र अधिक होती है ऐसे में चिकित्सकों के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को 40 साल के बाद हर महीने नियमित नेत्र जांच करानी चाहिए। इस उम्र के बाद लोगों में नजदीक व दूर, दोनों की समस्याएं आती है।
वाहन नियम के मुताबिक पहले व्यावसायिक वाहनों का रिन्यूवल के समय तीन साल पर नेत्र जांच अनिवार्य रूप से किया जाता था, लेकिन अब व्यावसायिक वाहनों का रिन्यूअल पांच वर्षों के बाद होता है। ऐसे में इनके आंखों की जांच भी पांच साल पर होती है।

