Sarkari Naukri In Bihar: बिहार में बेहतर मिड डे मील के लिए 621 नए पदों पर होगी भर्ती, प्रक्रिया शुरू करने के लिए आदेश जारी
बिहार का शिक्षा विभाग सरकारी विद्यालयों में मिड डे मील यानि मध्याह्न भोजन के वितरण प्रबंधन को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग द्वारा प्रखंड साधन सेवियों के 534 नये पद सृजित किए गए हैं।
इसके साथ-साथ पहले से खली पड़े 87 पदों पर नियुक्ति करने का भी निर्णय लिया गया है। बिहार की मध्याह्न भोजन समिति की कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। जिसके नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए आदेश जारी कर दिये गये हैं।
बिहार में मिड डे मील के लिए 621 पदों पर भर्ती
आपको बता दे की मध्याह्न भोजन निदेशालय के अनुसार प्रखंड साधन सेवियों के 534 पद पहले से ही सृजित हैं। इसमें 87 पद खाली हैं। उन्हें भी भरने का निर्णय लिया गया है। इस तरह राज्य में 621 प्रखंड साधन सेवियों की बहाली होने जा रही है। इस तरह अब बिहार के हर प्रखंड में दो साधन सेवी हो जायेंगे। यह नियुक्तियां एक माह में पूरी कर ली जायेंगी।
भ्रमण के लिए रोजाना मिलेगा 100 रुपया
मध्याह्न भोजन समिति ने प्रखंड साधन सेवियों को स्कूलों में भ्रमण करने के लिए 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिया जायेगा। यह पैसा वाहन में ईंधन भराने के लिए भत्ते के रूप में दी जायेगी।
बिहार में मध्याह्न भोजन का प्रबंधन और गुणवत्ता देखने के लिए प्रखंड साधन सेवियों की नियुक्ति की जाती है। स्कूल भ्रमण के लिए अभी तक इन्हें वाहन भत्ता नहीं मिलता था। यह भत्ता कार्यदिवस में भ्रमण के लिए दिया जायेगा। फिलहाल यह सभी नियुक्तियां आउट सोर्स सिस्टम से की जायेंगी।
लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक बजट
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्याह्न भोजन की विभिन्न योजनाओं को प्रभाावी रूप से लागू करने के लिए केंद्र से और राशि की मांग करने पर भी सहमति बनी। ज्ञात हो कि बिहार मध्याह्न भोजन योजना का वार्षिक बजट लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का है।
“मध्याह्न भोजन प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए प्रखंड साधन सेवियों के 534 नये पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है। इन प्रखंड साधन सेवियो को सौ रुपये प्रति दिन वाहन भत्ते के रूप में दिये जायेंगे।
अभी तक उन्हें यह राशि नहीं मिलती थी। इनकी नियुक्ति के लिए कह दिया गया है। निदेशालय सरकार की मंशा के मुताबिक मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने और भी ठोस कदम उठा रहा है।” – मिथिलेश मिश्र, निदेशक, मध्याह्न भोजन निदेशालय बिहार

