बिहार में बेरोजगारों की रिकॉर्ड संख्या, 7 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन, 18 की उम्र वाले सबसे ज्यादा
लोकसभा चुनाव 2024 (Loksabha Elections 2024) सर पर है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी बेरोजगारी की चर्चा कहीं नहीं है। उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों में बेरोजगारों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
वहीँ बिहार के लोगों में रोजी-रोजगार की चाहत बढ़ी है। आलम है की बिहार में बेरोजगारों की संख्या ने रिकॉर्ड बना डाला है। इस बात का खुलासा नेशनल कॅरियर सर्विस पोर्टल के आंकड़ों से हुआ है।
बिहार में बेरोजगारों की रिकॉर्ड संख्या
बीते 31 मार्च 2024 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में बिहार में रिकॉर्ड संख्या में बेरोजगारों ने रोजगार के लिए निबंधन कराए हैं। एनसीएस पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 07 लाख 39 हजार 492 लोगों ने निबंधन कराए है। जो अब तक के वर्षों में सबसे अधिक है।
जानकारी के लिए बता दे की बिहार और केन्द्र की ओर से लगाए जाने वाले रोजगार मेले में भाग लेने वाले बेरोजगारों के लिए एनसीएस पोर्टल (NCS Portal) पर निबंधन करवाना जरूरी होता है।
एनसीएस पोर्टल पर 07 लाख से अधिक बेरोजगारों ने किया निबंधन
ऑनलाइन निबंधन की प्रक्रिया वित्तीय वर्ष 2015-16 से शुरू हुई है। पहले वर्ष यानि 2015-16 में मात्र 4765 लोगों ने ही निबंधन करवाया था। इसके अगले साल कुल 76 हजार लोगों ने निबंधन कराए।
जबकि 2017-18 में यह आंकड़ें एक लाख 51 हजार का था। लेकिन यह रिकॉर्ड 2022-23 में टूटा। इस साल कुल 02 लाख 98 हजार 765 बेरोजगारों ने निबंधन कराए।
लेकिन अगले साल फिर से यह रिकॉर्ड भी टूट गया और पिछली बार की तुलना में 2023-24 में दो गुना अधिक यानि 07 लाख से अधिक बेरोजगारों ने एनसीएस पोर्टल पर रोजगार के लिए निबंधन कराए।
इन जिलों में सबसे अधिक बेरोजगार
जिलावार आंकड़ा देखें तो बेरोजगारों की सबसे अधिक संख्या राजधानी पटना में मौजूद हैं। पटना के कुल 39,561 लोगों ने रोजगार के लिए निबंधन करवाया हैं।
वहीँ दूसरे नंबर पर समस्तीपुर जिला है, जहां 39,170 लोगों ने निबंधन करवाए है। उसके बाद पश्चिम चंपारण के कुल 38,370 लोगों ने निबंधन कराए हैं।
रोजगार मांगने वालों में 12वीं पास सबसे ज्यादा
रोजगार की मांग करने वाले बिहारियों में सबसे अधिक संख्या 12वीं पास युवाओं की हैं। 12वीं पास 04 लाख 17 हजार लोगों ने रोजगार के लिए निबंधन कराया है।
वहीँ मैट्रिक पास 02 लाख 65 हजार तो स्नातक उतीर्ण 02 लाख 18 हजार से अधिक हैं। 14 हजार ऐसे भी बेरोजगार हैं जिन्होंने कोई पढ़ाई नहीं की है। जबकि पीजी पास की संख्या 30 हजार हैं।
18 की उम्र वाले सबसे ज्यादा बिहार में बेरोजगार
अगर निबंधन का उम्रवार आंकड़ा देखें तो देश में नौकरी के लिए 18 वर्ष तक के उम्र वालों की सबसे ज्यादा संख्या बिहार में हैं। देश में इस उम्र के लगभग 1.5 लाख लोगों ने रोजगार मांगे हैं।
जिसमें बिहार के 34 हजार युवा शामिल हैं। यानी 22.96 फीसदी युवा केवल बिहार से ही हैं, वहीं 18 से 24 वर्ष वाले 9.36 फीसदी, 25 से 34 वर्ष के बीच 7.65 फीसदी, 35 से 44 वर्ष वाले 5.14 फीसदी, 45 से 54 वर्ष वाले 3.97 फीसदी, 55 से 64 वर्ष वाले 1.23 फीसदी हैं।
64 साल से अधिक उम्र के लोगों में देश के 44 हजार लोगों ने रोजगार के लिए निबंधन किया है, जिसमें बिहार के 547 व्यक्ति इस केटेगरी में शामिल हैं।

