मनीष कश्यप का असली नाम आया दुनिया के सामने,इतने दिनों से क्यों छुपाई अपनी असली पहचान
बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप ने बेतिया जिले के जगदीशपुर पुलिस थाने में सरेंडर कर दिया है। उसके कुछ ट्वीट्स के बाद बिहार और तमिलनाडु में बवाल मच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार पुलिस और EOU के दबाव में मनीष कश्यप ने सरेंडर किया है।

मनीष कश्यप का पूरा नाम
मनीष कश्यप का असली और पूरा नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी है। लेकिन वह अपने नाम के पीछे कश्यप लगाता है। चुनाव आयोग को उसने दिए गए एफिडेविट में त्रिपुरारी कुमार तिवारी नाम बताया है। उनके पिता का नाम उदित कुमार तिवारी है, जो भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी माता का नाम मधु है, जो गृहणी हैं।

खुद अपने नाम के पीछे लगाता है कश्यप
मनीष कश्यप साल 2020 बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ चुका है। उसने निर्दलीय से चुनाव लड़ा था। उसने बिहार के चनपटिया विधानसभा सीट से इलेक्शन लड़ा था। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में उसने अपना नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी बताया है। लेकिन वह मनीष कश्यप लिखता है, कही-कहीं सिर्फ मनीष ही लिखता है।

खुद लिखते है ‘सन ऑफ बिहार’
यूट्यूबर मनीष कश्यप का जन्म 9 मार्च 1991 को बिहार के पश्चिम चंपारण के डुमरी महनवा गांव में हुआ था। मनीष कश्यप खुद को ‘सन ऑफ बिहार’ लिखता है।

इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है
मनीष ने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव से ही प्राप्त की है। उसने साल 2009 में 12वीं पास किया था। मनीष ने साल 2016 में पुणे की सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके दो साल बाद यानी 2018 को यूट्यूब चैनल बना लिया और इसके लिए वीडियो बनाने शुरू कर दिए।

कई मामलों में जा चुका है जेल
ऐसा नहीं है कि मनीष कश्यप पहली बार गिरफ्तार हुआ है। 2019 में भी यूट्यूबर गिरफ्तार हो चुका है और जेल की हवा खा चुकी है। मनीष कश्यप का विवादों से पुराना नाता है। कई मामलों में जेल जा चुका है।


