बिहार में जल्द आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबला, नीतीश सरकार के देन से इस जिले में स्टेडियम लगभग बनकर तैयार

बिहार का क्रिकेट स्टेडियम का सपना पूरा
बिहार में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का सपना जल्द ही पूरा होने जा रहा है नीतीश सरकार ने स्टेडियम निर्माण कार्य कराने का निर्देश जारी करते हुए दिए हैं निर्देश
बिहार के नालंदा में 4 साल से क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण चल रहा है. अभी लगभग 50 प्रतिशत का काम हुआ है. आधा काम होना अभी बाकि है. यह बिहार का पहला विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स होगा. इस क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण 90 एकड़ की जमीन पर हो रहा है. इसको बनाने में 740 करोड़ खर्च होंगे. साथ ही यहाँ पर एक खेल विश्वविद्यालय और स्पोर्ट्स एकेडमी भी बनेगा.

स्टेडियम में मिलेगा यह सारी व्यवस्था
नालंदा में बन रहे क्रिकेट स्टेशन में एक साथ 45 हज़ार लोग बैठ कर खेल का आनंद ले सकेंगे. क्रिकेट स्टेडियम के अलावा यहाँ पर खेल पुस्तकालय , मोटिवेशन सेंटर, खेल के आधुनिक उपकरण , इंडोर खेल के लिए स्टेडियम, रनिंग ट्रैक इत्यादि
बिहार के युवा पीढ़ी के लिए एक अच्छा कदम माना जा रहा है यह नीतीश सरकार का निर्णय स्टेडियम बन जाने से यहां के खिलाड़ियों को काफी सुविधा मिलेगी|

काफी सुंदर स्टेडियम निर्माण हो रहा है
एक बड़ा कैम्पस होगा, एक पैवेलियन बनेंग, एक रिज़र्व पैवेलियन बनेगा जिसमे बड़े खिलाडी बैठेंगे. 45 रूम होगा जिसमे प्लेयर रुकेंगे, 1500 लोगो के क्षमता वाला एक हॉल होगा. बाथरूम और किचन के अलावा एक हॉस्पिटल भी होगा.
स्टेडियम का सुंदरता देखने के बाद लोग अपने मुंह से तारीफ रोक नहीं पाएंगे स्टेडियम को बहुत अच्छे तरीके से तैयार किया जा रहा है ताकि देश विदेश से आए खिलाड़ियों को किसी भी तरह का परेशानी का सामना ना करना पड़े

बिहार वासियों को लंबे समय तक करना पड़ा इंतजार
साल 2007 में राजगीर नालंदा में इस स्टेडियम की घोषणा की गई थी. फिर एक लम्बे समय के बाद 2016 में कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिली. तब से यह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बन रहा है. साल 2022 में इसका उद्घाटन होना था.
अभी सिर्फ आधा काम ही हुआ है. पिछले कुछ महीनों से इसके काम में तेजी आई है. लगता है अगले साल तक यहाँ भारत का t20 क्रिकेट मैच हो सकता है.

बता दें की परोसी राज्य झारखण्ड में मात्र दो साल में रांची का क्रिकेट स्टेडियम बन कर तैयार हो गया था. और कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैच का भी आयोजन हो चूका है. लेकिन बिहार में पिछले 25 साल से इसपर विचार विमर्श कर रहे है और अभी तक मात्र 40 से 50 प्रतिशत का काम हुआ है. यह क्रिकेट स्टेडियम 90 एकड़ की जमीन में बन रहा है.

