38 साल की नौकरी कर चुके रेलवे अफसरों को सिखाया जायेगा मैनेजमेंट का फंडा

Railway officers will be taught management

रेल मंत्रालय ने रेलवे में 37-38 साल की नौकरी करने के बाद नीति बनाने और रेलवे में नेतृत्व हासिल करने वाले अधिकारियों को प्रबंधन की बुनियादी बातें सिखाने की जरूरत महसूस की है।

Management funds will be taught to railway officers who have reached leadership after doing 38 years of service
38 साल की नौकरी कर लीडरशिप तक पहुंचे रेलवे अफसरों को सिखाया जाएगा मैनेजमेंट फंडा

चालीस अधिकारी को फंड मैनेजमेंट की दी जा रही है ट्रेनिंग

इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, मोहाली, पंजाब में 3 नवंबर तक चालीस अधिकारी फंड मैनेजमेंट सीख रहे हैं। इन अधिकारियों में 1984, 1985 और 1986 के बैच के अधिकारी शामिल हैं।

मोहाली के अलावा इंदौर और बैंगलोर में भी अधिकारियों को प्रबंधन के गुर सिखाए जायेंगे। पहले चरण में देशभर के 120 अधिकारी प्रबंधन का पाठ पढ़ाएंगे। इन अधिकारियों को निर्देश दिया जाएगा कि उनके लिए काम करने वाले अधिकारियों या कर्मचारियों के साथ कैसे काम किया जाए ताकि रेलवे को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके।

120 क्रीम अधिकारियों की सूची तैयार

जानकारी के अनुसार 19 अक्टूबर 2022 को रेलवे बोर्ड के उप निदेशक प्रशिक्षण जितेंद्र कुमार ने इस संबंध में सभी अंचलों के महाप्रबंधक एवं मानक एवं अनुसंधान डिजाइन संगठन (आरडीएसओ लखनऊ) को इस संबंध में पत्र जारी किया है। इस कार्यक्रम में रेलवे के अधिकारियों को शामिल होना है, जबकि उनके रहने और रहने की व्यवस्था भी मोहाली में ही की जाएगी। खास बात यह है कि इन अधिकारियों के परिवार इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकते हैं।

यह कार्यक्रम अंबाला रेल मंडल के अंतर्गत मोहाली में आयोजित किया जा रहा है। ऐसे में इसको लेकर संभाग के अधिकारी भी इधर-उधर भागने लगे हैं। उत्तर रेलवे की बात करें तो इनमें उप महाप्रबंधक नवीन गुलाटी, वरिष्ठ उप महाप्रबंधक एसके झा, प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता रमेश कुमार, पीसीई एसके पांडे शामिल हैं। इसी तरह, रेलवे बोर्ड के जेआर वर्मा सिन्हा एएम ट्रैफिक, बीके भोय एएम (एम एंड बीडी) भी शामिल हैं। यह कार्यक्रम 3 नवंबर तक मोहाली में चलेगा।

मोहाली की लिस्ट में ये अधिकारी शामिल

इंडियन स्कूल और बिजनेस मोहाली में तीन नवंबर तक जो प्रोग्राम शुरू किया गया है, उसमें चालीस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इन में रणादे ऊमा-पीएफए, मनोज शर्मा -सीएओ (सी), नरेश लालवनी -एसडीजीएम, बृजेश कुमार गुप्ता -सीएओ (सी), सुनकेर रूप.एन. (एससी)-सीएओ(सी), प्रमोद कुमार जैन -पीसीई, राम करण यादव -सीएओ(सी), आरएन सिंह -पीईडी (इंफ्रा), दिनेश कुमार -पीसीई, एके सिंघल -सीएओ/सी-वन, अमित गोयल -पीसीई.

एसके पांडे -पीसीई, बीपी अवस्थी -पीईडी (इंफ्रा-टू), एसके झा -एसडीजीएम, सीपी गुप्ता -एजीएम, बीजी माल्या -एजीएम, नवीन गुलाटी -एजीएम, अरूण कुमार -सीएओ, किशोर कुमार -पीईडी/ईई (आरएस), बासुदेव पंडा -पीसीईई, विवेक कुमार -पीआर.सीएओ, एसआर घोशल -पीसीएमई, प्रकाश भूटानी -एजीएम, सतीश कुमार एससी-एसडीजीएम, अशोक कुमार मिश्रा-एजीएम, बृज मोहन अग्रवाल-पीसीएमई,

पीके मिश्रा-एजीएम, रमेश के. संगर-पीसीएमई, मंडल प्रकाश के. एससी-पीसीएमई, पीयूके रेड्डी-सीएओ, अतुल गुप्ता-एएम(आरएस), सीवी रमन-पीईडी(विजीलेंस), आरके सिन्हा-पीसीएमएम, रजनीश गुप्ता-पीसीएमएम, शरद कुमार श्रीवास्तव-एजीएम, शोभन चौधरी-एजीएम, अरूण कुमार जैन-एजीएम, हरीश गुप्ता-पीसीएसटीई, जया वर्मा सिन्हा-एएम (ट्रैफिक), बीके दादाभोय-एएम (एमएंडबीडी) शामिल हैं।