सैलून में काम करके पैसे कमाते थे Naatu-Naatu गाने के सिंगर,माँ के गहने गिरवी रख कर रखे सिंगिंग की दुनिया में कदम

Rahul sipligunj struggle story-लॉस एंजिल्स में आयोजित 95वें अकादमी पुरस्कारों में तेलुगू फिल्म आरआरआर के सबसे चर्चित सॉन्ग Naatu Naatu के बाद राहुल सिप्लिगुंज (Rahul Sipligunj) एक वर्ल्ड फेमस सिंगर बन गए हैं. इस सफलता के बाद लोग तो तुरंत कह देंगे कि यह रातों-रात स्टार बन गए लेकिन इस ऑस्कर अवार्ड पाने के लिए कितनी मेहनत की है राहुल ने यह आपको इस रिपोर्ट में पता चल जाएगी

गाने को हिट करने के पीछे राहुल की कड़ी मेहनत शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता आज वह लाखों करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं|इस रिपोर्ट में हम आपको तेलंगाना के हैदराबाद ओल्ड सिटी से एक नाई के बेटे के रूप से लेकर ऑस्कर के मंच तक राहुल की प्रेरक यात्रा और संघर्ष के बारे में बता रहे हैं|

Naatu Naatu गाने के लिए जो बेस्ट गाने का अवार्ड ऑस्कर में मिला है इसे पाने के लिए लाखों लोगों का सपना होता है| इस गाने के जो सिंगर हैं उनके सफलता को लोग देखते हुए सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ कर रहे हैं लेकिन इस गाने को हिट कराने के पीछे कितनी कड़ी मेहनत की है सिंगर ने इसे बहुत कम लोग जानते हैं|

राहुल सिप्लिगुंज का जन्म धूलपेट के पास मंगलहट इलाके में हुआ है जो कि तेलंगाना के हैदराबाद में ओल्ड सिटी के नाम से मशहूर इलाके में स्थित है इनके पिता का नाम राजकुमार है पेशे से वह नाई है| घर चलने के लिए वह सलून घर चलाने के लिए वह सैलूनखोल कर बाल काटने का काम किया करते थे |

राज कुमार चाहते थे कि उनके बेटे की जिंदगी अच्छी नौकरी के साथ सेटल हो. लेकिन राहुल को हमेशा संकरी गलियों में क्रिकेट और कबड्डी खेलने का शौक था. वे विनायक चविथी उत्सव के दौरान गणेश पंडालों में भक्ति गीत गाने का शौक भी रखते थे.

राहुल ने शिक्षा को आगे बढ़ाने के प्रति कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. हालांकि, नाई राज कुमार ने अपने बेटे की छिपी हुई प्रतिभा को देखा और उसे सिंगिंग क्लासेस ज्वाइन करने के लिए कहा. राहुल एक तरफ अपने पिता के सैलून में काम करते थे, तो दूसरी तरफ अपने रिश्तेदारों के घर समारोह के दौरान मंच के डर को दूर करने के लिए गाने गाते थे.

