बिहार: लगातार 61 घंटे तक प्रतीक ने गया गजल, 427 गाना गाने के बाद रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज
बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जीवन के हर क्षेत्र में बिहार के युवा अपनी मेहनत और टैलेंट के बुते देशभर में नाम कमा रहे है। और इसी टैलेंट और मेहनत का एक उदाहरण है बिहार के खगड़िया जिले के 28 साल के प्रतीक।
आप एक या दो घंटे कुछ गाएंगे तो गला बैठने लगता है और थकान होती है लेकिन प्रतिक ने लगातार 61 घंटे गजल गाकर नया रिकॉर्ड बना दिया है। प्रतीक की इस सफलता के बाद उनके परिजनों के साथ उनके गांववासियों का भी सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।
61 घंटे में 427 गजल
इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स के मिलकर पांच नवंबर को बिहार के खगड़िया जिले के गायक प्रतीक कुमार सिंह ने मैराथन गजल गायिकी के क्षेत्र में विश्व कीर्तिमान बनाने के संकल्प के साथ गाना शुरू किया था।
प्रतिक ने श्री कृष्ण इंटर उच्च विद्यालय, नयागांव में 61 घंटे में 427 ग़ज़ल गाकर एक नया कृतिमान स्थापित कर दिया है और साथ ही अपना नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज करा लिया है।
मिला सम्मान
इस मैराथन ग़ज़ल कार्यक्रम के समापन के बाद इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स के अधिकारियों ने प्रतीक को मैडल और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया, इस कार्यक्रम की मैनेजर विभा कुमारी ने बताया कि गजल गायन में देश स्तर पर यह पहला रिकार्ड है।
कौन हैं प्रतीक सिंह?
मिली जानकारी के मुताबिक प्रतीक कुमार सिंह खगरिया जिले के परबत्ता प्रखंड के माधवपुर गांव निवासी किसान कैलाशपति सिंह के बेटे हैं। बचपन से ही प्रतिक संगीत से जुड़े हुए है और उन्होंने प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से संगीत में स्नातक किया है। बांका जिला के मालडीह स्थित संगीत महाविद्यालय से संगीत सीखने के पहले से ही वे गजल गायन करते रहे हैं।
उन्होंने बताया कि तीन सालों तक मुंबई में संगीत के क्षेत्र में संघर्ष करने के बाद अब वे गांव में रहकर बिहार के लगभग सभी जिलों में कार्यक्रम दे चुके हैं।

