बिहार में LNMU ने प्रधानमंत्री मोदी और राज्यपाल फागु चौहान को बना दिया परीक्षार्थी, विवि प्रशासन बोला छात्रों की साजिश
बिहार में दरभंगा स्थित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय अपने हैरान करने वाले कारनामे के लिए चर्चा में रहता है। इस बार बीए पार्ट 3 की परीक्षा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगा एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है। इससे पहले राज्यपाल फागू चौहान की फोटो वाला एडमिट कार्ड भी जारी हुआ है।
इसके बाद परीक्षार्थी विश्वविद्यालय के डाटा सेंटर के कार्यों पर सवाल खड़ा करने लगे हैं। छात्र परेशान हैं, वहीं अभिभावकों के बीच भी यह चर्चा का विषय बन चुका है। बताया जाता है कि लगभग आधा दर्जन से अधिक छात्रों के एडमिट कार्ड पर इस तरह की गलतियां की गई है।

एडमिट कार्ड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर
पहला मामला मधुबनी के एसएमजे कॉलेज कहा है। एक छात्रा का एडमिट कार्ड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर और साइन के साथ जारी हुआ है।

एडमिट कार्ड को गुड़िया कुमारी नाम की एक छात्रा ने यूनिवर्सिटी की आधिकारिक साइट पर जाकर डाउनलोड किया। छात्रा के एडमिट कार्ड पर उसकी जगह पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीर और साइन थे।
राज्यपाल की तस्वीर का इस्तेमाल
वहीं दूसरा मामला बेगूसराय के जीडी कॉलेज का है। छात्र रवीश कुमार शानू को प्रवेश पत्र जारी किया था। उनका नाम, पिता का नाम और पता सही है, लेकिन राज्यपाल की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है।
इस मामले में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक आनंद मोहन मिश्र का कहना है कि प्रवेश पत्र में कुलाधिपति फागू चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर होने की जानकारी सोशल वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त हुई।

जिसे डेटा सेंटर को वेरीफाई करने के लिए दिया गया। डाटा सेंटर के पास उपलब्ध डाटा में भी वही तस्वीर पाया गया। इसमें विश्वविद्यालय की किसी स्तर से कोई गलती नहीं है।
छात्रों द्वारा साजिश के तहत किया गया कार्य
कुछ चिन्हित छात्रों द्वारा साजिश के तहत इस तरह का कार्य किया गया है। इसमें उनके द्वारा ही अपने प्रोफाइल पिक्चर के जगह राज्यपाल फागू चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगा दी गई है।
यदि यह गलती से हुई होती तो छात्रों को इसकी शिकायत विश्वविद्यालय को करनी चाहिए थी। लेकिन उन्होंने विश्वविद्यालय के साख को खराब करने के उद्देश्य से इसे सोशल मीडिया पर साझा किया और सभी लोगों तक पहुंचा दिया।

सभी छात्रों को चिन्हित किया जा रहा है सभी छात्रों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। छात्रों के पास अपना डाटा अपलोड करने के लिए यूजर आईडी और पासवर्ड होता है। जिसकी जानकारी केवल उनके पास ही होता है। विश्वविद्यालय उसमें बदलाव नहीं करती है।
आपको बता दें इससे पहले इसी विश्वविद्यालय ने एक छात्र को 151 अंक दिए थे जबकि कुल प्रश्नों की संख्या 100 थी।


