ट्रेनों में बढ़ाए जाएंगे ई-कैटरिंग वेंडरों की संख्या, रोजगार का सुनहरा मौका
बिलासपुर रेल मंडल ने ट्रेनों में ई-केटरिंग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वेंडरों की संख्या को बढ़ाने का निर्णय लिया है। स्र्चि की अभिव्यक्ति के अंतर्गत इस सुविधा को उपलब्ध कराने के लिए इच्छुक वेंडर्स मुख्य वाणिज्य निरीक्षक(खानपान) से संपर्क कर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि इससे रेलवे की आय में वृद्धि होगी। साथ ही वेंडरों को भी फायदा मिलेगा। अधिकृत वेंडरों के चलने अवैध वेंडरों को लाभ मिलेगा।

90 जोड़ी ट्रेनों का दैनिक परिचालन
भारतीय रेल यात्री सुविधाओं को निरंतर बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। इसी के तहत ही बिलासपुर रेल मंडल द्वारा अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत चलने वाली ट्रेनों में ई-केटरिंग के माध्यम से गुणवत्तायुक्त खानपान की सुविधा बेहतर तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। इन ट्रेनों में ई-केटरिंग सुविधा उपलब्ध कराने वाले वेंडर्स की संख्या को बढ़ाने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। वर्तमान में लगभग 90 जोड़ी ट्रेनों का दैनिक परिचालन होता है।
बड़ी संख्या में यात्रियों का प्रतिदिन आवागमन
जिसमें बड़ी संख्या में यात्रियों का प्रतिदिन आवागमन होता है। वर्तमान में बिलासपुर मंडल के अंतर्गत केवल 30 ई-केटरिंग वेंडर्स विभिन्न ट्रेनों में खानपान की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं। इनकी संख्या बढ़ने से यात्रियों को बेहतर खानपान की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा अवैध वेंडरों पर भी लगाम लेगा। दरअसल कई ट्रेनों में अधिकृत वेंडर नहीं है। इनमें अवैध वेंडरों का कब्जा रहता है
क्वालिटी को लेकर शिकायत
वह मनमाने ढंग से सामान की बिक्री करते हैं। इसके अलावा न यात्रियों को बिल देते हैं और न खानपान की क्वालिटी रहती है। यात्री इनसे सामान खरीद तो लेते हैं पर जब क्वालिटी को लेकर शिकायत करने की बारी आती है तो उस अवैध वेंडर की पहचान नहीं हो पाती। रेलवे यदि इसकी व्यवस्था करेगी, तो वेंडरों का पूरा रिकार्ड रेलवे के पास रहेगा। शिकायत के आधार पर कार्रवाई भी की जाएगी।


