बिहार में अब पानी के लिए भी देना होगा टैक्स, जानिए आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

Now money will have to be given for water in Bihar

बिहार के 1 करोड़ लोगों को अब पानी का टैक्स भी देना होगा। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। राजधानी में वाटर सप्लाई सिस्टम के तहत पानी के उपयोग करने वाले करीब 60 हजार लोगों से वाटर टैक्स की वसूली होगी। पेयजल उपयोग शुल्क को राजधानी पटना के साथ ही पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

ऐसे में बिहार के विभिन्न निकायों में वाटर कनेक्शन लेने वाले 1 करोड़ लोगों से भी जल कर की वसूली होगी। नगर विकास विभाग ने पेयजल उपयोग शुल्क नीति-2021 को जल्द ही पूरे राज्य में लागू करेगा।

विभाग ने पटना नगर निगम के साथ ही सभी नगर निकायों को इस संबंध में संकल्प पत्र भेज दिया है। साथ ही पेयजल उपयोग शुल्क नीति के तहत वसूल किए जाने वाले टैक्स का वर्णीकरण भी कर दिया गया है।

अप्रैल महीने से ही जोड़कर देना होगा शुल्क

आपको बता दें कि कोरोना काल से पहले ही सभी निकायों में पेयजल उपयोग शुल्क लेने की योजना तैयार की गई थी, जिसे अब लेने की तैयारी है। विभागीय अफसरों की मानें तो अगले महीने से वाटर टैक्स लेने की कवायद पूरी है।

1 crore people of Bihar will now also have to pay water tax
बिहार के 1 करोड़ लोगों को अब पानी का टैक्स भी देना होगा

ऐसा बताया गया है कि जब भी टैक्स की वसूली शुरू होगी, लोगों को अप्रैल महीने से ही जोड़कर शुल्क देना होगा। हालांकि नगर निकाय चुनाव के मद्देनजर जनप्रतिनिधि फिलहाल वाटर चार्ज लगान के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन उनका कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही नियुक्त प्रशासकों द्वारा इसकी कवायद शुरू कर दी जाएगी।

घरेलू उपभोक्ताओं को 40 से 150 रुपए प्रतिमाह देना होंगे शुल्क

वाटर टैक्स

प्रॉपर्टी टैक्स (रु.) प्रतिवर्ष प्रतिमाह

0 से 1000 ‌‌~480 ~40

1001 से 2000 ~780 ~65

2001 से 3000 ~1440 ~120

3001 या अधिक ~1800 ~150

घरेलू : प्रॉपर्टी टैक्स को बनाया आधार

घरेलू उपयोग के तहत पेयजल शुल्क लेने के लिए प्रॉपर्टी टैक्स को आधार बनाया गया है। जिनके घर में नल कनेक्शन है और वे प्रॉपर्टी टैक्स भी देते हैं, तो वैसे उपयोगकर्ता से ही जल कर लिया जाएगा। प्रॉपर्टी टैक्स देते हैं, लेकिन वाटर कनेक्शन नहीं है, तो उनसे वाटर चार्ज वसूली नहीं होगी।

वाटर टैक्स 5 श्रेणी में लागू होगा

1. घरेलू उपयोग।

2. छोटे और बड़े औद्योगिक इकाइयां।

3. व्यावसायिक होटल, रस्टोरेंट, ढाबा, सिनेमा हॉल, सर्विस स्टेशन एवं अन्य छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठान।

4. सरकारी संस्थान स्कूल, सभी तरह के कॉलेज, सारकारी कार्यालय, अस्पताल, गेस्ट हाउस आदि।

5. गैर सरकारी संस्थान, प्राइवेट स्कूल, कॉलेज, कोचिंग इंस्टीट्यूट, अस्पताल, नर्सिंग होम आदि।

1 साल तक नहीं भरा शुल्क तो कटेगा कनेक्शन

यदि शुल्क का भुगतान एक वर्ष तक नहीं किया जाता है, तो कनेक्शन काट दिया जाएगा। फिर कनेक्शन जोड़ने में लगने वाली राशि उपयोगकर्ता और प्रतिष्ठान से ही वसूली जाएगी, जो कम से कम 1 हजार होगा।

इन प्रतिष्ठानों में लगेगा मीटर

व्यावसायिक, औद्योगिक तथा अन्य संस्थागत प्रतिष्ठानों से वाटर टैक्स लेने के लिए उनके यहां वाटर मीटर लगाने का प्रावधान है। होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, नर्सिंग होम, सर्विस स्टेशन एवं अन्य छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठान, जो पानी का उपयोग व्यावसायिक कार्यों के लिए करते हैं, वहां वाटर मीटर लगाकर चार्ज लिया जाएगा।

इस श्रेणी में सभी निजी व शासकीय संस्थान के साथ ही गैर सरकारी संस्थाएं भी शामिल है। ऐसे में सभी उपयोगकर्ताओं से वाटर चार्ज लेने के लिए नगर निकायों को सबसे पहले वाटर मीटर लगाना होगा, जिसकी प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो सकी है।