बिहार: आसान नहीं होगा ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना, जानिए क्या नया नियम लागू होने वाला है
पहले की तरह बिहार में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना आसान नहीं होने वाला है, एक्सपर्ट ड्राइवर ही अब ड्राइविंग लाइसेंस के हकदार होंगे जिसके लिए बिहार के सभी जिलों में नया नियम लागू होने वाला है। वर्तमान में पटना और औरंगाबाद जिले में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के जरिए ड्राइविंग टेस्ट होती है जो की आने वाले समय में पूरे बिहार में होगा।
ट्रैक निर्माण के लिए राशि आवंटित
आधुनिक ट्रैक बन जाने के बाद ड्राइविंग टेस्ट मैनुअली नहीं बल्कि स्मार्ट तकनीक से होगा, ट्रैक निर्माण के लिए राज्य के 20 बड़े जिलों को राज्य सरकार 75-75 जबकि छोटे जिलों को 50-50 लाख की राशि आवंटित कर चुकी है। आधुनिक ट्रैक बनने से ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था पहले से ज्यादा पारदर्शी होगी।
परिवहन विभाग को लगातार इस तरह की शिकायतें मिलती रही हैं कि दलालों की मिलीभगत से आवेदक घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस ले ले रहे हैं, ऐसे में नई व्यवस्था पारदर्शी होगी खासकर चार पहिया वाहन और भारी वाहनों का लाइसेंस पाना काफी मुश्किल हो जाएगा।
कैसा होगा नया ट्रैक
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि ऑटोमेटेड टेस्टिंग ट्रैक ड्राइविंग टेस्ट के लिए डिवाइडर, जेबरा क्रॉसिंग, सिग्नल, स्पीड नियंत्रण बोर्ड लगा रहेगा. इसके अलावा कैमरा और सेंसर भी लगाए जाएंगे. गाड़ी चलाने और दाएं बाएं करने के अलावा गति बढ़ाने और रोकने में अभ्यर्थी कितने सक्षम हैं इन सभी मानको पर अंक आवंटित किया जाएगा. गलती करने पर अंक काट भी लिया जाएगा. कंप्यूटर द्वारा यह पूरी रिपोर्ट तैयार होगी और ऐसे में अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि ड्राइविंग टेस्ट परीक्षा अब किसी बड़ी परीक्षा की तरह ही संपन्न होगी।


