बिहार में 60 अलग देशों से आए विदेशियों ने ऐसे खेली होली, राधा कृष्ण का महारास भी देखा
बिहार के नालंदा के बिन्द प्रखंड का अमावां स्टेट किला होली के रंग में रंग गया। यहां सोमवार को बेल्जियम, अमेरिका, युनाइटेड किंगडम, अफ्रीका, मैक्सिको समेत 60 देशों के लगभग 70 डेलिगेट्स यहां पहुंचे। विदेशी डेलिगेट्स ने होली के गानों पर जमकर नाचे। राधा-कृष्ण के साथ फूलों की होली भी खेली।
तस्वीरों में देखिए विदेशियों का स्वागत और डांस
विदेशी मेहमान यहां की मेहमानवाजी देख काफी खुश हुए। वहीं मेला देख भारतीय सभ्यता के कायल भी हो गए। अमावां किला के वंशज हर्षेंद्र कुमार ने इनकी अगुआई और मेहमानवाजी की।

उन्होंने कहा कि इस किला का वे जीर्णोद्धार करेंगे। यहां आए डेलिगेट्स ने गया और नालंदा का दर्शन किया। इसके बाद वे अमावां पहुंचे।
लगभग साढ़े तीन घंटे तक अमावां किला में उत्सवी माहौल रहा। इन विदेशियों की एक झलक देखने को आसपास के सैकड़ों लोग वहां इकट्ठे थे।
विदेशी महिलाओं ने हाथों में पहनी चूड़ियां
इस मेला का एक आकर्षण चूड़ियां थीं। रंग बिरंगी हर साइज की चूड़ियां देख युवतियों के साथ ही युवक भी मेला में पहुंचे। हैरत भरी नजरों से लोगों ने सुहागिनों के चिह्न चुड़ियों को देखा। इसके बाद हाथों में पहनकर चूड़ियां खनकाईं।

इस दौरान लोग अमावां परिसर में हो रही एक एक गतिविधियों को कैमरों में कैद करने को आतुर रहे। वहां एक सेल्फी पॉइंट भी बनाया गया था। वहीं दूसरी तरफ होली मिलन-2023 का सेटअप था।
मेले का नजारा देख उन्होंने भारतीय संस्कृति का अभार प्रकट किया। वहीं मेहमानवाजी से काफी खुश दिखे। इस पर फूलों की होली ने उन्हें अभिभूत कर दिया।
राधा कृष्ण का महारास देख झूमे विदेशी
लोगों ने मिथिला पेंटिग का भी दीदार किया। इसके लिए मंच के पास ही एक काउंटर लगाया गया था। यहां जाकर बिहारी उत्पादों व कई पेंटिंग को देखा। इसे देख वे काफी खुश हुए। उसके बगल में ही शूटिंग की व्यवस्था थी। जहां जाकर विदेशी मेहमानों ने एयरगन से बैलून पर निशाना साधा।

अमावां राज की धरती पर आए विदेशी मेहमानों ने भगवान श्रीकृष्ण व राधा का महारास देखा। गीतों पर जमकर झूमे। राधा कृष्ण के साथ ही एक-दूसरे पर फूलों की वर्षा खेल होली खेली। उसके बाद एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर अभिवादन किया।
अमावां के किला में आ चुके हैं इंगलैंड के राजा किंग एडवर्ड
राजा के पौत्र हर्षेन्द्र कुमार और पत्नी रीता शाही ने कहा कि इंग्लैंड की गद्दी पर जब किंग एडवर्ड बैठे थे, उस समय अमावां सल्तनत पूरे शबाब पर थी। तब किंग एडवर्ड भी इस किले में आए थे।

हर्षेंद्र कुमार ने बताया कि ये डेलिगेट्स बनारस जाने वाले थे। उनकी बहन के माध्यम से इस कार्यक्रम की रणनीति तय की गई। उन्हें बिहार आने का निमंत्रण दिया गया। इसके बाद वे यहां पहुंचे। इस किला का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
ताकि, इस विरासत को नई पहचान दी जा सके। यहां आए डेलिगेट्स एक अच्छा संदेश लेकर गए हैं। ये सभी लोग अलग-अलग देशों के युवा नेतृत्वकर्ता हैं। आर्थिक व सामाजिक विकास में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
वेलनेस रिसोर्ट के तौर पर विकसित होगा किला
इस किले को वेलनेस रिसॉर्ट के तौर पर विकसित करने की योजना है। हमलोग एक बार फिर से इस किला का कायाकल्प करेंगे। जहां आकर लोग अपने गौरवशाली इतिहास को देख व समझ सकेंगे। इसकी समृद्धता भी एक शोध का विषय है।

जो अब तक अनछुआ पहलू रहा है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रख-रखाव के लिए राजा हरिहर नारायण प्रसाद सिंह ने 60 बीघा जमीन दान में दे दी थी, जिससे इसकी देख-रेख की जा रही है।



