बिहार के ट्रेन में झपट्टा मारकर मोबाइल छिनतई करना पड़ा महंगा, 15KM तक चोर को लटकाये रखा, वीडियो वायरल
बिहार में झपट्टामार चोरों की संख्या बढ़ती जा रही है। आए दिन चोरी के ऐसे मामले सामने आते रहते हैं जब चोर ट्रेन के गेट और खिड़की से मोबाइल छिन लेते हैं। लेकिन जब ये चोर लोगों के हाथ लग जाते हैं तो उन्हें भारी कीमत भी चुकानी पड़ती है।
ऐसा ही एक मामला बेगूसराय में हुआ जब चोर ने ट्रेन की खिड़की से मोबाइल छीनने की कोशिश की तो वो यात्री के हत्थे चढ़ गया। फिर उसके साथ कुछ ऐसा हुआ की आप की रूह कांप जाएगी।

चोर को खगड़िया तक ले गया
दरअसल बरौनी कटिहार रेल खंड पर समस्तीपुर कटिहार पैसेंजर ट्रेन में यात्रा कर रहे एक यात्री का ट्रेन की खिड़की से मोबाइल झपट्टा मारने की कोशिश में चोर यात्री के हत्थे चढ़ गया।
खिड़की के अंदर झपट्टा मार चोर का दोनों हाथ खींचकर यात्री ने उसे ट्रेन में लटकाये रखा और खगड़िया तक ले गया। जहां उसे खगड़िया रेल थाना को सुपुर्द कर दिया।
चोर का हाथ यात्री ने दबोच लिया
बताया जाता है कि खगड़िया सन्हौली निवासी सत्यम कुमार परिवार के साथ सवारी गाड़ी से बेगूसराय से खगड़िया जा रहा था। ट्रेन जब साहेबपुरकमाल स्टेशन से खुलने लगी तभी पूर्व से घात लगाये झपट्टा मार चोर ने खिड़की के बाहर से अंदर हाथ डालकर सत्यम का मोबाइल छिनने का प्रयास किया।

परंतु सत्यम ने फौरन चोर का हाथ दबोच लिया और उसका दोनों हाथ खिड़की के अंदर खींचकर चलती ट्रेन में लटकाये उसे खगड़िया तक ले गया।
हाथ न छोड़ने की गुहार लगाता रहा चोर
चोर का दोनों हाथ जब यात्री के कब्जे में आ गया तब चोर जोर-जोर से चिल्लाने लगा और हाथ न छोड़ने की गुहार लगाता रहा। अगर उसका हाथ छोड़ दिया जाता तो ट्रेन से गिरकर उसकी मौत भी हो सकती थी।
https://twitter.com/mrabhishek9386/status/1570357160059740161
इसलिए यात्री उसकी पीड़ा को अनदेखी करते हुए उसे सजा के रूप में ट्रेन में लटकाये रखा और खगड़िया पहुंचने पर उसे जीआरपी को सुपुर्द कर दिया।
झपट्टा मार गिरोह पुलिस के लिए सिरदर्द
चोर दबोचने की यह अनोखी घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। मौके वारदात से दबोचे गये झपट्टामार चोर की पहचान साहेबपुरकमाल नवटोलिया निवासी पंकज कुमार के रूप में हुई है।
बताया जाता है कि साहेबपुरकमाल स्टेशन पर मोबाइल, आभूषण छिनतई की लगातार हो रही घटना ने रेल पुलिस को परेशान कर रखा है।
शाम होते ही झपट्टा मार गिरोह सक्रिय हो जाता है और किसी न किसी को शिकार बना लेता है और पकड़ में भी नहीं आता है जिससे यात्रियों में भय का माहौल बना रहता है।


