बिहार के MBA रंजीत ने जॉब छोड़ शुरू किया मछली पालन, सालाना 10 लाख की कमाई, बने मिसाल
बिहार के सीवान के रहने वाले 34 साल के रंजीत कुमार किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता खेती करते हैं। साल 2009 में एमबीए की पढ़ाई करने के बाद करीब 4 साल तक अलग-अलग कंपनियों में काम किया।
इसके बाद पारिवारिक कारणों से वे वापस गांव लौट आए। साल 2013 में उन्होंने मछलीपालन की शुरुआत की। अभी वे इससे सालाना 10 लाख रुपए से अधिक का बिजनेस कर रहे हैं।

6 तरह की मछलियों का पालन
रंजीत फिलहाल अपने चार तालाबों में 6 तरह की मछलियों का पालन करते हैं। एक में बड़ी मछली और दूसरे में सीड रखते हैं।
महाराजगंज के सिहौता गांव के रहनेवाले प्रभुनाथ सिंह के बेटे रंजीत कुमार बताते हैं कि वह घर बैठे पटना, छपरा, मोतिहारी, सीवान तक में मार्केटिंग कर रहे हैं।

अपने व्यवसाय से दर्जनों किसानों को रोजगार भी दिया है। रंजीत बताते हैं कि हमारे पास खेती की जमीन भरपूर है। हालांकि पारंपरिक खेती में आमदनी ज्यादा नहीं हो रही थी।
एमबीए के बाद नौकरी के लिए करना पड़ा काफी स्ट्रगल
इसीलिए मेरे न चाहने के बाद भी पापा ने मुझे बीसीए के बाद एमबीए कराई। ताकि मैं अच्छी कमाई कर सकूं। कहा कि एमबीए के बाद मुझे नौकरी के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ा। तब वैकेंसी का मुझे पता नहीं चलता था।

इसलिए दिल्ली के मुखर्जी नगर में कई कंपनियों में गया, कहीं गेट से ही भगा दिया गया तो कहीं सिलेक्शन ही नहीं हुआ। कुछ महीने इसी तरह दौड़-धूप के बाद एक कंपनी में काम करने का मौका मिला।
मछलीपालन करनेवालों से ली जानकारी
रंजीत कहते हैं कि मेरा मन तो नौकरी में नहीं लग रहा था। लेकिन घर की जिम्मेदारियों और पापा की वजह से काम कर रहा था।
छुट्टी के समय में अक्सर मछलीपालने करनेवालों से मिलते रहते थे। उनके काम को देखते थे। इससे धीरे-धीरे उनके मन में भी मछलीपालन का ख्याल आने लगा।

