विवाह पंचमी शुरू, जनकपुर में गूंजे मंगल गीत, राम-लक्ष्मण ने किया नगर भ्रमण, देश विदेश से पहुंच रहे लोग  

जनकपुरधाम में शुक्रवार से सप्ताहव्यापी विवाह पंचमी महोत्सव शुरू हो गयी हैं, विवाह पंचमी महोत्सव को लेकर अयोध्या, बनारस हरिद्वार, प्रयाग सहित भारत और नेपाल से साधु, संत, महंत तथा नागा का जनकपुरधाम आना प्रारंभ हो गया हैं। सीताराम विवाह उत्सव विवाह पंचमी ऐतिहासिक होता है, इस अवसर पर विराट मेला का आयोजन किया जाता है।

जनकपुरधाम में जानकी मंदिर सहित पुरे धाम के सभी मठ और मंदिरों को रोशनी से सजाया गया हैं, सभी मठ मंदिरों में भजन कीर्तन प्रारंभ किए गए हैं और मंगल गीत शुरू हो गया है। ऐतिहासिक बारहबीघा (रंग भूमि) मैदान में सीता राम का स्वयंवर आयोजित होगा।

हिन्दू धर्म में विवाह पंचमी में एक खास महत्व है, इस दिन अयोध्या और जनकपुर में विशेष आयोजन किए जाते हैं। जगह जगह पर सीता स्वंयवर और राम विवाह का नाट्य रूपांतरण भी किया जाता है

बता दे कि रामायण में वर्णित कथा के मुताबिक महर्षि विश्वामित्र राम और लक्ष्मण के साथ बिसौल उपवन में ठहरे थे। राजा जनक महर्षि विश्वामित्र से मिलकर सीता स्वयंवर में जनकपुरधाम आने के लिए विनती की थी। तब महर्षि विश्वामित्र, प्रभु राम और लक्ष्मण के साथ जनकपुरधाम पहुंचते हैं। वहां राजा जनक उन्‍हें राजसी अतिथिशाला में ठहराते हैं।

विश्राम के बाद महर्षि वाल्मीकि राम और लक्ष्मण के साथ जनकपुरधाम नगर को दर्शन के लिए निकलते हैं। इसे आज के नगर भ्रमण कार्यक्रम के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। विवाह पंचमी के पहले दिन नगर भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में नेपाल व भारत से आए श्रद्धालुओं ने इस कार्यक्रम को देखा। उपस्थित लोगों ने महर्षि विश्वामित्र, राम व लक्ष्मण के जयघोष किए। इस अवसर पर मैथिली गीत से जनकपुर नगरी सराबोर होती रही।

इस साल विवाह पचंमी 07 दिसंबर, 2021 को रात 11 बजकर 40 मिनट से आरंभ होगी और 08 दिसंबर, 2021 को रात 09 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगी. लोग 8 दिसंबर को दिनभर भगवान श्रीराम और माता सीता की पूजा-आराधना कर सकते हैं।

बता दे कि हर साल हिन्दी माह के अनुसार अग्रहण शुक्ल पक्ष पंचमी को सीता-राम विवाह का उत्सव विवाह पंचमी मनाया जाता है। इस उपलक्ष्य पर प्रभुश्री राम की नगरी अयोध्या से राम-सीता विवाह में बारात पहुंचती है। आगामी आठ दिसंबर 2021 को राम-सीता विवाह का उत्सव होगा। जनकपुर, सीतामढ़ी व पुनौराधाम मंदिर में उत्सव देखकर लोग गदगद होते हैं।