अयोध्या राम मंदिर के लिए बिहार के मंदिर ने किया 10 करोड़ का दान, राम रसोई में बिहारी व्यंजन
अयोध्या में बन रहे श्री रामलला के मंदिर में देश भर से लोगों और संस्थाओं ने दान दिया है. अब कई वर्षों के इंतजार के बाद अयोध्या राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी 2024 को होने जा रहा है.
खबर है की मंदिर निर्माण के लिए बिहार की राजधानी पटना स्थित महावीर मंदिर ट्रस्ट ने 10 करोड़ का दान किया है. इसके अलावा अयोध्या स्थित राम रसोई में बिहारी व्यंजन की भी व्यवस्था की गई है.
महावीर मंदिर के तरफ से राम मंदिर निर्माण के लिए 10 करोड़

अयोध्या में बनाए जा रहे प्रभु श्री राम मंदिर के निर्माण कार्य में लोगों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है. इसी क्रम में बिहार के पटना जंक्शन के समीप स्थित महावीर मंदिर ने भी इसमें अपनी सहभागिता दिखाई है.
पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट की तरफ से अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए 10 करोड़ रूपए का दान दिया जा रहा है. जिसमें से अब तक आठ करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है.
कलश के साथ-साथ धनुष और बाण भी दान
जबकि, बाकी बची राशि यानि कुल दो करोड़ रुपए प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम से पहले 19 जनवरी 2024 को ट्रस्ट की ओर से अंतिम किस्त के रूप में प्रदान की जाएगी.
महावीर मंदिर न्यास- पटना के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने खुद इस बाद की जानकारी साझा की है. इसके अलावा रामलला को सोना भी दान किया जा रहा है.
इसके लिए कलश बनाया जा रहा है. साथ ही धनुष व बाण भी राम मंदिर को भेंट किया जा रहा है.
इसलिए किया जा रहा धनुष और बाण का दान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार धनुष और बाण का दान इसलिए किया जा रहा है क्योंकि श्री राम के धनुष को तोड़ने के बाद ही सीता और राम का परिणय हुआ था.
इसलिए इसे एक संपर्क सूत्र के तौर पर देखा जाता है. इसे मिथिला और अयोध्या के बीच के समन्वय के तौर पर भी देखा जा रहा है.
महावीर मंदिर के लिए एक कंपनी की ओर से सोने का कलश का निर्माण किया जा रहा है. इसे ही धनुष निर्माण का काम सौंपा गया है.
महावीर मंदिर को पूरे देश में मिली पहचान
इसी के साथ आईएएस अधिकारी रह चुके आचार्य किशोर कुणाल ने राम रसोई के बारे में भी जानकारी शेयर की है. उन्होंने कहा है कि – “इससे महावीर मंदिर को पूरे देश में एक पहचान मिली है.
22 जनवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम है. लेकिन, इसके लिए पटना के महावीर मंदिर में तैयारी चल रही है. राम रसोई के द्वारा राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा में पहुंचे भक्तों को स्वादिष्ट भोजन कराया जाएगा.
अयोध्या में बिहार की खास पहचान
राम रसोई का अयोध्या में सुबह के नौ बजे से रात के नौ बजे आयोजन होगा. इसे अयोध्या में बिहार की खास पहचान के तौर पर देखा जा रहा है.”
राम रसोई के बारे में बता दें कि इसमें बगैर लहसून और प्याज के भोजन पकाया जाता है. इसकी स्थापना वर्ष 2019 में की गई थी. लेकिन, कोरोना काल के दौरान इसे बंद कर दिया गया था.
जिसके बाद इसकी शुरुआत फिर से की जा रही है. फिलहाल, सैकड़ों लोग इसमें बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं. इसके लिए भवन निर्माण की भी तैयारी चल रही है.
राम रसोई में बिहारी व्यंजन की व्यवस्था
आपको बता दे की राम रसोई में बिहारी शैली में बिहारी व्यंजन की व्यवस्था की गई है. राम मंदिर के निर्माण को लेकर देशभर के लोग काफी उत्साहित है.
ऐसे में बिहार से भी कई लोग अयोध्या दर्शन के लिए जाने वाले है. वहीं, आचार्य किशोर कुणाल महावीर मंदिर टस्ट्र की ओर से 10 करोड़ का दान कर रहे हैं.
यह दान राम मंदिर के निर्माण कार्य के लिए है. इसकी अंतिम किस्त प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के पहले दी जाएगी.
Conclusion
दान की जाने वाली 10 करोड़ की आखिरी किस्त 15 जनवरी से पहले देने का फैसला किया गया था. लेकिन, आचार्य किशोर कुणाल स्वास्थ्य कारणों से अयोध्या नहीं जा सके.
इसलिए किशोर कुणाल के द्वारा अब 19 तारीख को दान की आखिरी किस्त देने का फैसला किया गया है.
बता दे की महावीर मन्दिर, पटना देश में अग्रणी हनुमान मन्दिरों में से एक है। पटना महावीर मंदिर ट्रस्ट के द्वारा कैंसर पीड़ितों के निःशुल्क इलाज के साथ साथ कुल 5 अस्पतालों का संचालन किया जाता है.
इसके अलावा राम रसोई के माध्यम से अयोध्या के इतिहास में पहली बार महावीर मन्दिर न्यास ने सभी तीर्थयात्रियों को निःशुल्क भोजन सुलभ करने का कीर्तिमान भी अपने नाम किया है.
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