अचार बिजनेस को ठुकराया तो माँ से पड़ी डाँट, फिर बिहार जाकर शार्क्स ने ननद भाभी को थमाया चेक
‘शार्क टैंक इंडिया’ (Shark Tank India 2) का दूसरा सीजन शुरू हो चुका है। यह रियलिटी शो बिजनेस थीम पर आधारित है और इस मंच पर पहुंचकर लोग अपने बिजनेस को नया आयाम दे रहे है।
‘शार्क टैंक इंडिया’ का पहला सीजन बेहद ही पॉपुलर रहा था। उम्मीद की जा रही है कि दूसरा सीजन भी सुपरहिट साबित होगा।
बदलाव के तौर पर ‘शार्क टैंक इंडिया के दूसरे सीजन में एक जज बदल गए हैं। इस सीजन में अशनीर ग्रोवर की जगह शो में दर्शकों को अमित जैन नजर आने वाले हैं। अमित जैन कारदेखो ग्रुप के फाउंडर (Cardekho Founder Amit Jain) हैं।
2 जनवरी से दूसरा सीजन शुरू
‘शार्क टैंक इंडिया 2’ का पहला एपिसोड 2 जनवरी को ऑनएयर हुआ। शो की शुरुआत एक गलती की सुधार और पहले सीजन में मिली कामयाबी की कहानी से हुई।

अब यहां आपको ये बताना जरूरी हो गया है कि पहले सीजन में ऐसी क्या गलती हुई, जिसे बाद में सुधारी गई। दरअसल, कहानी ये है कि ‘शार्क टैंक इंडिया’ के पहले सीजन में बिहार के दरभंगा जिले की उमा झा और कल्पना झा फंड जुटाने के लिए पहुंची थीं।
लेकिन उनके कारोबार से जज प्रेरित तो हुए थे, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था। उन्हें कोई फंड नहीं मिला था। अब शार्क टैंक इंडिया में जज की भूमिका निभा रहीं शुगर कॉस्मेटिक्स की सीईओ विनीता सिंह (Sharks Vineeta Singh) और एमक्योर फॉर्माक्यूटिकल्स की मालकिन नमिता थापर ( Namita Thapar) अचानक पिकल और चटनी ब्रांड की को-फाउंडर उमा झा और कल्पना झा के गांव पहुंच गईं और उन्हें 85 लाख रुपये का चेक थमा दिया।
मां ने लगाई फटकार
जज विनीता सिंह की मानें तो उनकी मां ने उन्हें जमकर डांट लगाई कि कैसे उन्होंने एक महिला की कंपनी में निवेश करने से मना कर दिया?
जिसके बाद विनीता सिंह और नमिता थापर ने पिकल और चटनी ब्रांड में निवेश करने का फैसला किया और अपनी गलती को सुधारते हुए उनके गांव जाकर चेक थमाया।

इन दोनों जजों ने महिलाओं द्वारा संचालित इस कारोबार को भी करीब से जांचा और परखा। विनीता सिंह ने कहा कि इस आइडिया में इन्वेस्ट नहीं करने से उनकी मां ने फटकार लगाई थी।
पहले सीजन में नहीं मिला था फंड
आपको बता दें, पिछले सीजन में कल्पना और उमा झा ने 10 फीसदी इक्विटी के बदले 50 लाख रुपये की मांग की थी। लेकिन किसी कारणवश इनके बिजनेस आइडिया को रिजेक्ट कर दिया गया था। लेकिन अब 85 लाख रुपये का निवेश मिला है।
वहीं उमा झा और कल्पना झा का कहना है कि जब से उन्हें शार्क टैंक का मंच मिला, तब से कारोबार में काफी एक्सपोजर देखने को मिला है।

इनके द्वारा चलाई जा रही कंपनी का नाम Mithila Pickles and Chutneys Pvt. Ltd. है। जज विनीता सिंह ने कल्पना झा और उमा झा से मुलाकात की कुछ तस्वीरे सोशल मीडिया पर पोस्ट की हैं।
ननद-भाभी की यह जोड़ी अब सुर्खियों में
गौरतलब है कि बिहार के दरभंगा की रहने वाली कल्पना झा और उमा झा इस कंपनी को चला रही हैं। ननद-भाभी की यह जोड़ी खूब सुर्खियों में है।
इन दोनों महिलाओं ने देश-दुनिया को मिथिलांचल के अचार का स्वाद चखाया है। कल्पना झा और उमा झा ने अचार की ब्रांडिंग के लिए इसे ‘झा जी अचार’ नाम दिया।


