भारत का अनोखा गांव जिसने देश दिए अब तक 47 IAS और IPS ऑफिसर्स , देखे Photos Inside
हम हर रोज UPSC परीक्षा पास करने वाले कैंडिटेट्स के संघर्ष, कामयाबी की कहानियां पढ़ते हैं। आज की कहानी थोड़ा और ज्यादा खास है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं, देश के उस गांव के बारे में जहां से देश को सबसे ज्यादा IAS IPS मिले हैं।

जौनपुर जिले के गद्दीपुर के माधोपट्टी गांव की मिट्टी प्रशासनिक अधिकारी पैदा करती है। इस गांव में महज 75 घर हैं, जिनमें से अब तक 47 आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी निकले हैं।

यह सभी सीएम, पीएमओ से लेकर विदेशों तक में कार्यरत हैं। इस गांव में एक परिवार ऐसा भी है, जिसके पांच भाइयों ने आईएएस की परीक्षा पास की है। ग्रामीणों के मुताबिक 1952 में इंदू प्रकाश सिंह ने यूपीएससी में दूसरी रैंक हासिल की थी। इंदू फ्रांस समेत दुनिया के कई देशों में भारत के राजदूत रहे हैं।

आजादी के पहले से ही माधोपट्टी गांव के लोगों का प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सिलसिला शुरू हो गया था। 1914 में मोहम्मद मुस्तफा हुसैन डिप्टी कलेक्टर बने थे जो मशहूर शायर रहे वामिक जौनपुरी के पिता थे। यह गांव देश के दूसरे गांवों के लिए रोल मॉडल है। खास बात यह है कि इस गांव में कोई भी कोचिंग इंस्टीट्यूट नहीं है।

गांव से राहुल का कहना है कि यहां 75 घर हैं। यहां के 51 लोग बड़े पदों पर तैनात हैं। 45 से अधिक लोग आईएएस और पीसीएस जैसे पदों पर हैं। इसके अलावा गांव के जन्मेजय सिंह वर्ल्ड बैंक में काम कर रहे हैं।

सिर्फ आईएएस-पीसीएस ही नहीं, इस गांव ने देश को वैज्ञानिक भी दिए हैं। माधोपट्टी के डॉ. ज्ञानू मिश्रा इसरो में वैज्ञानिक हैं और देवेंद्र नाथ सिंह गुजरात के सूचना निदेशक के पद पर रहे हैं।

