बिहार: हल्दी, अदरक और ओल की खेती को सरकार दे रही बढ़ावा, इन 12 जिलों के किसानों को अनुदान

किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा बागवानी फसलों में अलग-अलग प्रकार की फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसके तहत बिहार सरकार किसानों इन फसलों की खेती पर लगने वाली लागत को कम करने के लिए अनुदान भी दे रही है। इस योजना के जरिए  बाग बगीचे की खाली जमीन को उपयोग में लाया जायेगा जिससे कृषि उत्पादकता बढ़ेगी।

फलों के बगान में होगी खेती

आपको बता दे कि एकीकृत उद्यानिक विकास योजना के अंतर्गत अंतरवर्ती फसल योजना में किसानों को अलग-अलग सब्जियों और मसाले के लिए अलग-अलग अनुदान मिलेगा। इसके लिए हल्दी, अदरक और ओल का चयन किया गया है। कृषि अधिकारी बताते हैं कि ये तीनों फसल पेड़ के छांव में भी हो सकते हैं। इसलिए इन तीनों फसल का चयन किया गया है।

इसके लिए किसानों को अलग से खाली खेतों में फसल लगाने की जरूरत नहीं होगी। आम लीची के बगीचे या इमारती लकड़ी के बगीचे में पेड़ के अलावा जो जमीन होती है वह पूरे साल खाली पड़ी रहती है। उससे किसानों को कोई आमदनी नहीं होती है।

इन 12 जिलों के लिए कर सकते है आवेदन

एकीकृत उधान विकास योजना राज्य के 12 जिलों में लागू की जा रही है जिसमें भागलपुर, सहरसा, सीतामढ़ी, शिवहर, मुज्जफरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, दरभंगा, बेगुसराय, एवं खगड़िया जिले है। जिसके बाद बाकि के जिलों में भी विस्तार किया जायेगा, योजना का लाभ लेने वाले किसानों को उद्यान विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।।

50% तक अनुदान

इस योजना के लिए लिए 0.36 हेक्टेयर का एक यूनिट बनाया गया है। एक किसान अधिक से अधिक दो यूनिट का लाभ ले सकते हैं साथ ही जिन किसानों का पहले से बाग लगा हुआ है वह भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। राज्य सरकार किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए 50% तक अनुदान भी दे रही है।