गूगल की नौकरी छोड़ कर शुरू की UPSC की पढाई,बिना ट्यूशन पढ़े बन गये टॉपर
देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षा यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में हर साल तकरीबन 8 लाख से अधिक लोग बैठते हैं. आईएएस-पीसीएस बनने का ख्वाब देखने वाले जी तोड़ मेहनत करते हैं.
लेकिन कुछ ही उम्मीदवार इस ख्वाब को हकीकत में बदल पाते हैं. आज हम आपको ऐसे ही एक जुनूनी आईएएस की स्टोरी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अच्छी खासी सैलरी वाली कॉपोरेट जॉब छोड़कर तैयारी शुरू की और बिना कोचिंग के ही आईएएस टॉपर बने.

यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम बिना कोचिंग के क्रैक करने के बारे में सोचना भी मुश्किल लगता है. लेकिन नामुंकिन सा लगने वाला यह काम कर चुके हैं आईएएस अनुदीप दुरीशेट्टी. उन्होंने न सिर्फ यूपीएससी क्रैक किया बल्कि ऑल इंडिया नंबर-1 रैंकिंग हासिल की. आईएएस आईएएस अनुदीप दुरीशेट्टी तीन बार असफल हुए लेकिन अपने ध्यान लक्ष्य पर ही केंद्रित रखा. आखिकार वह आईएएस बनने में कामयाब रहे.

आईएएस अनुदीप दुरीशेट्टी ने साल 2017 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया टॉप किया था. उन्होंने पहली बार साल 2012 में सिविल सर्विस परीक्षा दी थी. जिसमें असफल रहे थे. इसके बाद साल 2013 में एक बार फिर से प्रयास किया तो भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में सेलेक्शन हुआ.

अनुदीप दुरीशेट्टी का शुरू से ही लक्ष्य आईएएस बनना था. इससे कम उन्हें कुछ मंजूर नहीं था. इसीलिए तो आईआरएस बनने के बाद भी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में लगे रहे. साल 2014 और 2015 में वह फिर से सिविल सेवा परीक्षा में बैठे. लेकिन इस बार भी क्रैक नहीं कर सके. हालांकि अनुदीप ने हार नहीं मानी और फाइनली साल 2017 में वह यूपीएससी टॉपर बने. उनकी ऑल इंडिया पहली रैंक थी.

आईएएस अनुदीप दुरीशेट्टी ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी बिना किसी कोचिंग की मदद के की. उन्होंने तैयारी के दौरान गाइडेंस के लिए इंटरनेट की मदद ली. इस दौरान वह राजस्व विभाग में हैदराबाद में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर काम भी कर रहे थे.

आईएएस अनुदीप दुरीशेट्टी मूल रूप से तेलंगाना के मेटपल्ली शहर के रहने वाले हैं. उन्होंने अपनी स्कूलिंग श्री सूर्योदय हाईस्कूल और श्री चैतन्य जूनियर कॉलेज से पूरी की है. इसके बाद उन्होंने साल 2011 में बिट्स पिलानी, राजस्थान से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंशन इंजीनियरिंग में बीटेक किया था.

बीटेक के बाद अनुदीप की गूगल में जॉब लग गई. वहां उन्होंने बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर काम किया. आईएएस अनुदीप दुरीशेट्टी तेलंगाना के पहले यूपीएससी टॉपर हैं.

