बिहार के PMCH में डॉक्टर बेटियों पर बरसा गोल्ड, कहा देश में बनाएंगी अलग पहचान
बिहार के पटना मेडिकल कॉलेज के 97वां स्थापना दिवस पर बेटियों का जलवा दिखा है। डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाली दो बेटियों ने गोल्ड मेडल जीते हैं। आशना कुमारी और तान्या मिश्रा को 6-6 गोल्ड मेडल मिला है। पटना मेडिकल कॉलेज से कुल 64 गोल्ड मेडल प्रदान किये गए हैं।
मेडल पाने वाले डॉक्टरों ने कहा है कि- अब वह अपनी अलग पहचान बनाएंगे। आपको बता दे की पटना मेडिकल कॉलेज की तरफ से ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स को अवार्ड देकर उनका मनोबल बढ़ाया गया है।

आशना बनी पैथॉलॉजी की टॉपर
पटना मेडिकल कॉलेज में पैथॉलॉजी की टॉपर बनी आशना को कुल 6 गोल्ड मेडल मिले हैं। आशना पैथॉलॉजी की टॉपर के साथ माइक्रोवायरोलॉजी में भी टॉपर रही हैं। इसके साथ ही माइक्रो वायरोलॉजी एंड पैथॉलॉजी में वह लड़कियों में भी टॉपर रही हैं।

वह पटना मेडिकल कॉलेज की फोरेंसिक मेडिसिन की भी टॉपर हुई हैं। इसके साथ ही वह CFD 2021 सेक्रेटरी की ओवरऑल टॉपर बनी हैं। उन्हें 6 गोल्ड मेडल मिले हैं। डॉक्टर आशना 2018 बैच की हैं, वह राज्य से लेकर देश में अपनी अलग पहचान बनाना चाहती हैं।

आशना का कहना है कि “वह बच्चों के इलाज में कोई बड़ा इतिहास बनाना चाहती हैं। इसके लिए वह कुछ नए शोध करना चाहती हैं, जिससे वह राज्य में ही नहीं देश में कुछ अलग कर सकें। मीडिया से विशेष बातचीत में आशना ने बताया कि वह पटना मेडिकल कॉलेज के साथ राज्य और देश का मान बढ़ाना चाहती हैं।
सर्जरी की टॉपर बनी तान्या
पटना मेडिकल कॉलेज में 2017 बैच की तान्या मिश्रा ने सर्जरी में टॉप किया है। तान्या को 6 गोल्ड मेडल मिला है। वह सर्जरी के साथ छात्राओं में सर्जरी में भी टॉपर रही हैं। MBBS पार्ट 2 में भी वह टॉपर रहीं। वह छात्राओं में एमबीबीएस के चारों एग्जाम में टॉपर रही हैं।
तान्या मिश्रा का कहना है कि “वह सर्जरी में बड़ा नाम कमाना चाहती हैं। गोल्ड मेडल से उनका हौसला काफी बढ़ा है, और वह अब इसमें विशेष पढ़ाई कर पटना मेडिकल कॉलेज के साथ बिहार का नाम रोशन करना चाहती हैं। उनका कहना है कि वह सर्जरी के क्षेत्र में हमेशा कुछ न कुछ नया करना चाहती हैं।”
डॉ मांडवी ने कहा शोध से बनाएगी पहचान
डॉ मांडवी को बेस्ट पीजी इन फॉर्माकोलॉजी में गोल्ड मेडल दिया गया है। डॉ मांडवी का कहना है कि वह शोध पर काम करेगी और इससे कोई न कोई बड़ा काम होगा। उनका कहना है कि पीजी फॉर्माकोलॉजी में वह रिसर्च वर्क को आगे बढ़ाने का काम करेगी।
इस बड़ी उपलब्धि को लेकर उनका कहना है कि टीचर से लेकर घर वालों का काफी सहयोग रहा है। अब वह भविष्य में शोध से पटना मेडिकल कॉलेज का नाम रोशन करेंगी।
22 पीजी डॉक्टरों को एक-एक गोल्ड

पटना मेडिकल कॉलेज के 22 पीजी डॉक्टरों को एक एक गोल्ड मिला है। इसमें डॉक्टर मधु कुमारी, डॉ हर्ष वर्द्धन, डॉ मांडवी, डॉक्टर रिचा, डॉ स्तंबोक्लंग, डॉ नाज यााशतीन, डॉ अभिषेक किशोर दयाल, डॉ आफिया आजम, डॉ कुमुद रंजन, डॉ वेद प्रकाश सिंह, डॉ संतोष कुमार प्रसाद डॉ विश्वकर्मा कमलेश, कुमार रामजस, डॉ अंजलि कुमारी, डॉ रिचा कुमारी, डॉ दिनेश यश, डॉ चंद्रहस यादव, डॉ अपर्णा सिंह, डॉ राय अमृत नाथ, डॉक्टर पुनीत कुमार, डॉक्टर मोनिका कुमारी शामिल हैं।
किस पर कितना बरसा गोल्ड
- हफसा इशरत परवीन – 2 गोल्ड मेडल
- आशना कुमारी – 6 गोल्ड मेडल
- अर्चना पाठक और रितिका रंजन – एक गोल्ड
- कुमार रविराज पासवान – 2 गोल्ड
- साफिया रिजवान – एक गोल्ड
- कुमार शिवम, सौम्या रतन, संजीवनी श्रीवास्तव – एक गोल्ड
- निकिता कुमार – एक गोल्ड
- प्रिंस प्रभाकर – एक गोल्ड
- शालिन पंचानन – 2 गोल्ड
- गौरव कश्यप, अमृत परासर, सत्यम शानू, निखिल कुमार, आदित्य रंजन – एक गोल्ड
- वर्षा ठाकुर, शुभम सिन्हा – एक गोल्ड
- यशस्वी रंजन – 3 गोल्ड
- हीरा खान – 3 गोल्ड
- राज पाठक – एक गोल्ड
- तान्या मिश्रा – 6 गोल्ड
- प्रकाश कुमार सिंह – 4 गोल्ड
- यश अभिषेक पुष्प – एक गोल्ड
- अल्का सिन्हा – 2 गोल्ड
- हर्ष कुमार – 2 गोल्ड
- विदिशा – एक गोल्ड
- नीलू कुमारी अंजली कुमारी – एक गोल्ड

