बिहार में आलू के खेत से निकल रहे सोने के सिक्के, लूटने के लिए लोगों में मची होड़, जाने पुर मामला
जी हाँ आपने सही पढ़ा बिहार में खेत से सोने के सिक्के निकल रहे हैं। यह सुनकर आपको अजीब लग रहा होगा लेकिन बिहार के बक्सर से ऐसा ही मामला सामने आया है।
सोने का सिक्का निकलते ही गांव वालों में उसे लूटने के लिए होड़ मच गई। वहीं दूसरी ओर तरह-तरह की चर्चा होने लगी। बात इतनी फैल गई कि पुलिस को आना पड़ा।

यहां तक की खेत की घेराबंदी तक कर दी गई। खेत से कुल छह सिक्के मिले हैं जिसमें से पुलिस ने तीन बरामद कर लिए हैं। वहीं बाकी सिक्के अभी तक नहीं प्राप्त हुए हैं।
क्या है पूरा मामला?
बता दे की पूरा मामला बक्सर जिले के नावानगर प्रखंड क्षेत्र के गिरधर-बरांव गांव का है। जहाँ हरिहर साह नमक व्यक्ति के आलू के खेत से सोने के सिक्के मिलने की बात जैसे ही गांव मे फैली तो लोगों की भीड़ लग गई।

गांव के लोगों ने खेत की खुदाई शुरू कर दी। हरिहर साह ने बीहसी देवी को मालगुजारी पर यह जमीन दी थी। बीते शुक्रवार को बाड़ (घेराबंदी) हटाने के लिए बीहसी देवी ने खुरपी से खेत में लगे बाड़ हटाने लगी। इसी दौरान उसे एक-एक कर चार सोने के सिक्के मिले।
गांव वाले करने लगे मिट्टी की खुदाई
इसमें से एक सिक्के को सत्यम सिंह ने ले लिया, बाकी बचे तीन सिक्कों में से एक सिक्का बीहसी देवी ने पुलिस को दिया और बाकी सिक्के को कुएं में फेंकने की बात कह रही है।

इस बात की भनक गांव वालों को लगी तो देर रात गांव वाले भी मिट्टी की खुदाई करने लगे। इस दौरान दो व्यक्तियों को एक-एक सिक्के मिले।
सुनार के पास बेचा सिक्का
वृद्ध महिला बीहसी देवी से सत्यम सिंह द्वारा लिया गया एक सिक्का भी पुलिस ने सोनार शिवकुमार से बरामद कर लिया है, जिसे सुनार ने तोड़कर जांच की थी।

सत्यम सिंह ने उसे शिवकुमार सेठ को 27,500 में बेचा था। उस सिक्के को पुलिस ने बरामद कर लिया है। वहीं रात में ही जमीन की खुदाई के दौरान सरोज पाल को एक सिक्का मिला था।
लोग सिक्कों को केशव महाराज से जोड़कर देख रहे
बरामद सिक्कों को चेरो खरवार ओके प्रसिद्ध राजा केशव महाराज के काल से जोड़कर देखा जा रहा है। खेत के पास पुलिस ने पहरा बिठा दिया है। पुलिस सूत्रों की माने तो पुरातत्व विभाग से इस मामले में जांच करवाने के लिए सहयोग लिया गया।
दरअसल, जिस खेत से सोने के सिक्के मिले हैं, वह बिहारी साह और हरिहर साह का है। जिस पर गांव के ही धंनेश्वर महतो की पत्नी बिहसी देवी और उसका पुत्र भीम महतो मालगुजारी पर सब्जी की खेती कर रहे थे।
क्या है केशव महाराज की कहानी?
जानकारों की माने तो जहां से सोने का सिक्का मिला है, वहां से महज 5 किलोमीटर दूर तकरीबन 600 साल पहले चेरो खरवार के वंशज रहते थे। वो उन दिनों केसठ गांव का नाम रसीद पुर था जो केसठ बस स्टैंड से पश्चिम भाग में था।

चेरो खरवार के वंशजों के यहां से चले जाने के बाद रसीदपुर गांव के पास नदी बहा करती थी, जिसमें बाढ़ आने के बाद रसीदपुर के लोग गढ़ के आसपास के हिस्सों में आकर रहने लगे।
लोगों का मानना है कि चेरो खरवार के राजा का नाम केसवा था। उनके नाम पर रसीदपुर का नाम केसठ रखा गया। इन्हीं लोगों के सोने के सिक्के इस क्षेत्र में आए होंगे।
फिलहाल 3 सिक्के बरामद
उस तीसरे सिक्के को भी पुलिस ने बरामद कर लिया। खेत में मिले छह सिक्कों में से फिलहाल 3 सिक्के को बरामद किया गया है।

सोनबरसा थाना प्रभारी प्रियदर्शी ने तीन सिक्के बरामद होने की पुष्टि की है। पुलिस पता लगा रही है कि अन्य सिक्के कहां हैं? फिलहाल रविवार को इस घटना के बाद पुलिस ने खेत की घेराबंदी कर वहां पुलिस बल को तैनात कर दिया है।
वहीं सिक्का मिलने के बाद आला अधिकारियों को सूचना दी गई है। बहरहाल, अब देखने वाली बात ये होगी कि पुरातत्व विभाग की टीम इस सिक्के के बारे में क्या जांच करती है।

