सच्चे दोस्ती की मिसाल पेश कर रहे हैं आरिफ और सारस पक्षी की जोड़ी, पूरे विश्व में हो रही है इनकी दोस्ती की चर्चा
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के जामो विकासखंड के जोधनपुर (मंडका )गांव के रहने वाले आरिफ और सारस पक्षी के बीच एक ऐसी दोस्ती बनी कि लोग इस दोस्ती को शोले फिल्म के जय वीरू की दोस्ती से भी बढ़-चढ़कर देख रहे हैं।
आरिफ और सारस पक्षी घनिष्ठ दोस्ती
सारस पक्षी जो कि अभी तक का धरातल पर पाया जाने वाला सबसे ऊंचा पक्षी माना जाता है उस जिस पक्षी के पास जाने से लोग डरते हैं और उसके आसपास तक नहीं भटकना चाहते आखिर आरिफ और सारस पक्षी के बीच यह इतनी घनिष्ठ दोस्ती कैसे हो गई ?

यह सब अक्सर कर लोगों के मन में प्रश्न उठ रहे हैं लेकिन आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि यह सारस और आरिफ कि दोस्ती कोई एक-दो दिनों में नहीं हो गई बल्कि इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी भी है।
दिलचस्प है कहानी

आरिफ और सारस पक्षी की दोस्ती के पीछे जो दिलचस्प कहानी है उसको सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे हुआ यूं कि 1 साल पहले आरिफ जब अपने खेत में सुबह के समय घूमने गया तो उसको एक पक्षी जमीन पर पढ़ा हुआ दिखाई दिया
जिसकी एक टांग पूरी तरह से जख्मी थी और वह टूट भी चुकी थी उस हालत में यह सारस पक्षी पूरी तरह से मिस प्राण था। लेकिन तारीफ करनी होगी आरिफ की जिन्होंने इस घायल सारस पक्षी को जब पहली बार देखा तो पहले तो वह डर गए क्योंकि सारस पक्षी इतना बड़ा होता है|
तुरंत हो गई दोस्ती
सारस पक्षी के पास जाने से पहले सौ बार सोचता है क्योंकि यह पक्षी ऊंचाई में बड़ा और इसकी चोंच भी काफी बड़ी होती है, जिससे कि लोग इसके आस पास जाने से डरते हैं लेकिन पहली बार देखने पर आरिफ को भी डर लगा लेकिन जब उसने पक्षी के पास जाकर देखा तो वह मिस प्राण और घायल अवस्था में जमीन पर पड़ा हुआ था l

पहले तो आरिफ उसके पास जाने से डर रहा था लेकिन जब वह हिम्मत करके उस घायल पक्षी के पास गया और देखा तो उसकी एक टांग पूरी तरह से टूटी हुई थी और वह काफी घायल और प्यासा हुआ था |
जिसको देखकर आरिफ ने अपने दोस्त की मदद ली और इस सारस पक्षी को उठाकर अपने घर ले आया वहीं पर आरिफ ने लगातार कई दिनों तक ना सिर्फ केवल इस पक्षी के पैरों का इलाज किया बल्कि दिन-रात इसकी सेवा करके इस पक्षी को नया जीवन दिया l
परिवारवालों के जैसा साथ रहने लगा

फिर क्या था रोज साथ में रहने खाने-पीने से यह पक्षी आरिफ के साथ इतना घुल मिल गया कि वह अब आरिफ का साथ छोड़ने के लिए किसी मायने में तैयार ही नहीं था |
कई बार तो आरिफ बताते हैं कि वह इसको जहां पर मिला था वहां पर छोड़कर भी बाहर आ गए लेकिन यह पक्षी दोबारा से उनके पास वापस लौट आता वह अपने साथ में रहने वाले दूसरे सारस पक्षियों के साथ अब रहना पसंद नहीं करता था|
दोस्ती है अटूट

दिनों दिन यह दोस्ती इतनी ज्यादा गहरी होती गई कि अब सारस पक्षी आरिफ का साथ छोड़ने के लिए किसी मायने में तैयार ही नहीं था आरिफ जहां भी जाते उनके साथ सारस पक्षी भी जाता
यदि आरिफ अपनी बाइक से जब भी कभी किसी काम से बाहर जाते उनके साथ यह पंछी उनके बगल में ही उड़ता हुआ नजर आता है l आरिफ के साथ यह बच्ची 20 से 25 किलोमीटर तक खुली हवा में सैर करते हुए उनके साथ साथ ही जाता है|
1 साल पहले हुई थी दोनों की मुलाकात

मोहम्मद आरिफ और सारस पक्षी की मुलाकात एक साल पहले उस समय हुई जब आरिफ अपने खेत घूमने के लिए सुबह-सुबह गए हुए थे अचानक आरिफ ने देखा कि खेत से थोड़ी दूर पर उन्हें एक बड़ा पक्षी घायल अवस्था में पड़ा हुआ नजर आया
जब वह उनके पास गए तो इस बड़े आकार के सारस पक्षी की एक टांग पूरी तरह से टूटी हुई थी और वह काफीलंबे समय से वहां पर घायल अवस्था में पड़ा हुआ था जिसमें बिल्कुल ही उठने तक की हिम्मत नहीं थीl

जय वीरू की दोस्ती
जिसकी वजह से यह पक्षी कुछ दिनों के बाद स्वस्थ होने लगा और जब यह पूरी तरह स्वस्थ हुआ तो आरिफ के साथ रहने खाने पीने की वजह से यह पक्षी इतना घुल मिल गया कि यह दोस्ती शोले फिल्म के जय वीरू की दोस्ती से भी बड़ी मिसाल लोगों के बीच बन गई जोकि इंसानियत का एक अनूठा उदाहरण है।

