किराए के मकान से शुरू हुआ था सफ़र आज NAAC में A++ ग्रेड लाकर रचा इतिहास,ऐसा करने वाला बिहार का पहला विश्वविद्यालय बना CUSB
बिहार राज्य के गया में स्थित CUSB यानी दक्षिण बिहार केंद्रीय विद्यालय राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद अर्थात NAAC के द्वारा ए प्लस प्लस ग्रेड दिया गया है इसके साथ ही CUSB बिहार का पहला विश्वविद्यालय बन गया है जिसने के द्वारा ए प्लस प्लस ग्रेड प्राप्त है इसके सिवाय बिहार में कोई भी ऐसा विश्वविद्यालय नहीं है जिसे ए प्लस प्लस ग्रेड प्राप्त हो सी CUSB को NAAC के द्वारा 3.58 सीजीपीए दिया गया है|
2009 में हुआ था विश्वविद्यालय का स्थापना
CUSB को पहले से NAAC के द्वारा ए ग्रेड प्राप्त था लेकिन विश्वविद्यालय के अधिकारियों और शिक्षकों एवं छात्रों के अथक प्रयास के बाद व मेहनत के द्वारा ग्रेड को अपडेट कर दिया गया है और यह ग्रेड ए प्लस प्लस के रूप में मिला है आपको बता दें कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना 2009 ईस्वी में केंद्रीय विश्वविद्यालय एक्ट के तहत हुआ था|

ग्रेड निर्धारण का यह है मानक
| CGPA | Grade |
| 3.51- 4.00 | A++ |
| 3.26-3.50 | A+ |
| 3.01- 3.25 | A |
| 2.76-3.00 | B++ |
| 2.51-2.75 | B+ |
| 2.01- 2.50 | B |
| 1.51- 2.00 | C |
किराए के मकान पर पहले चलता था विश्वविद्यालय
विश्वविद्यालय का परिचालन कई वर्षों तक पटना एवं गया में किराए के भवन में हुआ करता था उसके बाद 2018 ईस्वी में सीमित संसाधन के साथ विश्वविद्यालय का परिचालन अपने खुद के कैंपस में हो रही है यह कैंपस गया जिला में गया पंचानपुर मार्ग और कर हरा फतेहपुर स्थित है।

क्या है NAAC ?
NAAC एक संस्था है जिसका विस्तृत रूप राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद है जो भारत के उच्च शिक्षा एवं अन्य शिक्षा संस्थानों का आकलन तथा यानी मान्यता का कार्य करती है इसकी स्थापना 1994 ईस्वी में की गई थी मूल्यांकन एवं प्रत्यायन को मूल्य तक किसी भी संस्था की गुणवंता की स्थिति को समझने के लिए प्रयोग किया जाता है वास्तव में मूल्यांकन यह निर्धारित करता है कि कोई भी शैक्षिक संस्था या विश्वविद्यालय एजेंसी के द्वारा निर्धारित गुणवंता के मानकों को किस स्तर तक पूरा करता है|
ग्रेडिंग के फायदे
NAAC ग्रेड के आधार पर ही संस्थान के गुणवंता का पता चलता है क्वालिटी एजुकेशन सुविधा संसाधन और शिक्षकों की जानकारी होती है स्टूडेंट क एडमिशन से लेकर लोन मिलने मैं मदद मिलती है रैंकिंग तय होने के बाद संस्था द्वारा जारी रिजल्ट में ग्रेडिंग अंकित होता है सुविधाओं के विस्तार के लिए यूजीसी अलग से अनुदान की स्वीकृति देती है।

इनको मिला श्रेय
यूनिवर्सिटी के इस ऐतिहासिक सफलता के बाद कुलपति प्रोफेसर कामेश्वर नाथ सिंह ने अपनी हार्दिक प्रसन्नता और संतोष व्यक्त करते हुए सफलता का श्रेय पूरे तरीके से अपने शिक्षकों और विद्यार्थियों व कर्मचारी व अधिकारियों को दिया है। एक निजी मीडिया इंटरव्यू के दौरान कुलपति महोदय बिल्कुल प्रसन्न नजर आए और कहा कि अब विश्वविद्यालय की जिम्मेवारी और कई गुना बढ़ गई है।

