फिर से शुरू हो रहा है “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम, पंजीयन शुरू, ऐसे करे आवेदन

लगभग 5 साल के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम को शुरू कर रहे है, अगले सप्ताह यानि 12 जुलाई से प्रत्येक महीने के पहले, दूसरे और तीसरे सोमवार को सुबह 11 बजे से मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद कक्ष में जनता दरबार में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य, शिक्षा, कल्याण, विज्ञान ए‌वं प्रावैधिकी, श्रम संसाधन, सामान्य प्रशासन, कला संस्कृति एवं वित्त विभाग से संबंधित शिकायतें सुनेंगे।

आपको बता दे कि अब तक यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग में हुआ करता था, अप्रैल, 2006 से मई 2016 तक मुख्यमंत्री ने यह कार्यक्रम चलाया था लेकिन फिर लोक शिकायत निवारण कानून के बाद इसे बंद कर दिया गया था। अब एक बार फिर से आम लोगों की मांग पर नितीश कुमार इस कार्यक्रम को दोबारा शुरू कर रहे है।

मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, ” कार्यक्रम बंद करने के बाद कुछ लोगों ने कहा कि नहीं ये कार्यक्रम होना चाहिए. ये अच्छी पहल है. इसलिए चुनाव के बाद मैंने इसको दोबारा शुरू करने का एलान किया था और अब अगले सोमवार यानी 12 तारीख से मैं ये कार्यक्रम करूंगा. पुराने तरीके को ही अपनाया जाएगा. चूंकि कोरोना का दौर है इसलिए आने वाले लोगों को जिला स्तर से गाड़ी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.”

ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था

जनता के दरबार में मुख्यमंत्री के माध्यम से अपनी शिकायत को सीधे नितीश कुमार तक पहुंचाने के लिए कोई भी व्यक्ति मोबाइल एप ‘जेकेडीएमएम’ के माध्यम से भी किसी समस्या या शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। आवेदन के वक्त संबंधित व्यक्ति को अपना आधार संख्या और मोबाइल नंबर देना होगा।

ऑनलाइन के साथ साथ आप अपने प्रखंड के बीडीओ या एसडीओ या डीएम कार्यालय जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. जहां से आवेदक की शिकायत को इस मोबाइल एप पर अपलोड किया जायेगा।

आवेदन के बाद आवेदक को एक यूनिक संख्या उनके मोबाइल नंबर और उसके द्वारा दिए गए ईमेल पता पर भेजा जायेगा जिसके माध्यम से आवेदक अपनी शिकायत की अपडेट स्थिति मोबाइल एप पर प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही आवेदक को जनता के दरबार में शामिल होने की पूरी जानकारी उसके मोबाइल नंबर पर ही मिल जाएगी जिसके बाद वह इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते है।

कोविड को लेकर सरकार सजग 

राज्य में कोरोना संक्रमण का प्रभाव भले ही धीमा पड़ गया है लेकिन सरकार अभी भी इसे लेकर सजग है, इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों का पहले आरटीपीसीआर कोविड टेस्ट कराया जायेगा और नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें इस कार्यक्रम में जाने की अनुमति दी जाएगी।

अलग अलग जिलों में ठहरने की व्यवस्था 

आपको ये भी बता दे कि यह कार्यक्रम पटना में होगा ऐसे में जो लोग पटना से दूर के जिलों से आएंगे उनके लिए अलग-अलग जिलों में ठहरने की व्यवस्था भी की गयी है, अररिया एवं कटिहार के लोगों के लिए बेगूसराय में, किशनगंज एवं पूर्णिया वालों के लिए समस्तीपुर, सहरसा एवं सुपौल के आवेदकों के लिए मुजफ्फरपुर, भागलपुर एवं बांका जिले के लोगों के लिए नालंदा तथा पश्चिमी चंपारण एवं मधेपुरा से आने वालों के लिए वैशाली जिला में रात्रि विश्राम की व्यवस्था रहेगी।