अब रंगीन मछलियों के नहीं जाना होगा कोलकाता, बिहार में सस्ती दर पर मिल रही एक से बढ़कर एक फिश
बिहार के नालन्दा जिले के नूरसराय प्रखंड के चरुईपर गांव निवासी किसान कविन्द्र कुमार मौर्य पहले तलाबों में खाने बाले मछलियों को पालते थे। वहीं अब घर की शोभा बढ़ाने के लिए एक्वेरियम में रखी जाने वाली करीब 10000 से अधिक मछलियों का पालन कर रहे हैं।

बिहार के लिए लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है, क्यों कि अब उन्हें कोलकाता से महंगी कीमत पर नहीं बल्कि बिहार में ही सस्ते दरों पर रंगीन मछलियां मिल जाएंगी।

पटना से नालंदा पहुंचे कई दुकानदारों ने बताया कि नालंदा में रंगीन मछली का पालन होने से हमलोगों को काफी राहत मिली है। अब हमें भी कम खर्च में मछली उपलब्ध हो जाएगी। कोलकाता से मंगाने में मछलियां काफी महंगी हो जाती थी।

ऐसे में कोलकाता की बजाय अब यहीं से रंगीन मछलियां मार्केट में उपलब्ध हो जाएंगी, जिससे दुकानदारों के साथ-साथ मछली पालने वाले शौकीनों को भी राहत मिलेगी।

आपको बता दें, मछलियां एक्वेरियम की रानी कही जाती है एवं प्रकृति के जलीय खजानों का अनमोल धरोहर भी है। एक्वेरियम में रंगीन मछलियां आपके घर की खूबसूरती भी बढ़ा देता है।

इतना ही नहीं धार्मिक शास्त्र के अनुसार रंगीन मछलियों के प्रातः दर्शन करने से आपके पूरे दिन की यात्रा मंगलमय होती है।
इसके साथ ही रंगीन मछलियां आपके व्यस्त एवं तनावपूर्ण जिंदगी में मानसिक तनाव को भी कम करते हैं। यह आपके घर के बच्चों के मस्तिष्क में वैज्ञानिक सोच भी पैदा करता है।

नालन्दा जिले के नूरसराय प्रखंड के चरुईपर गांव निवासी किसान कविन्द्र कुमार मौर्य अपनी टीम के साथ रंगीन मछलियों का पालन कर रहे हैं।


