बिहार के सुजनी कला का बॉलीवुड भी दीवाना, CM नितीश भी कर चुके प्रशंसा, 300 महिलाओं को मिला रोजगार
बिहार के मुजफ्फरपुर की जीविका दीदी इन दिनों मुजफ्फरपुर को सुजनी कला में नई पहचान दे रही है। सुजनी कला में महिलाएं धागा से बारीक आकृतियों को कपड़ों पर उकेरती है।
सुजनी कला के कलाकार द्वारा तैयार किए गए कपड़े 10 हजार से 50 हजार रुपए तक में बिक जाते हैं। मुजफ्फरपुर के बोचहां प्रखंड के सरफुद्दीनपुर में दर्जनों महिलाएं इस काम से जुड़ी हैं।

सुजनी कला समिति की अध्यक्ष जीविका दीदी गुड़िया देवी बताती हैं कि पहले ग्रामीण महिलाओं के पास रोजी-रोजगार के लिए कोई काम नहीं था। सुजनी कला का हुनर सीखने के बाद काम के साथ-साथ अब सही कीमत भी मिल जा रही है।
300 महिलाओं को मिल चूका है रोजगार
गुड़िया देवी बताती हैं कि कुछ दिन पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर आए हुए थे। उन्होंने हमारे काम को देखा और सराहना की। साथ ही भरोसा दिलाया कि मुजफ्फरपुर में सुजनी कला के लिए कलस्टर तैयार किया जाएगा।

गुड़िया देवी कहती हैं कि सुजनी कला से अभी तकरीबन 300 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इसी कला के माध्यम से अपनी आजीविका चला रही हैं।

गुड़िया देवी ने बताया यह एक महीन काम है। एक स्टॉल बनाने में तकरीबन 10 दिन से महीने दिन का वक्त लग जाता है। स्टॉल के अलावा जैकेट और कुशन कवर जैसी चीजें और सुजनी कला का प्रदर्शन किया जाता है।
अभिनेत्री शबाना आजमी भी खरीद चुकी है कपड़े
सुजनी कला के संदर्भ में गुड़िया देवी बताती हैं कि यह एक ग्रामीण कला है। जिसके माध्यम से गांव की कहानियों को कपड़ों पर उकेरा जाता है। साथ ही कई तरह का डिजाइन बनाया जाता है।

गुड़िया देवी ने बताया कि सरफुद्दीनपुर की महिलाओं के द्वारा बनाए गए कलाकृतियों को और सुजनी कला से बने कपड़े को बॉलीवुड की अभिनेत्री शबाना आजमी भी खरीद चुकी है।


