बिहारी के 16 वर्षीय राजा राम ने कबाड़ से बनाई इलेक्ट्रिक बाइक,कमाल का देता है माइलेज
बचपन से वैज्ञानिक बनने का शौक पालने वाले कहलगांव के सलेमपुर सैनी गांव के 16 वर्षीय राजाराम ने कबाड़ से एक ऐसी इलेक्ट्रिक बाइक बनाई है जाे सिर्फ 5 रुपए के खर्च में 50 किलोमीटर चलती है।

चारों ओर हो रही है प्रशंसा
बिहार के भागलपुर के 16 साल के राजा राम ने ऐसा कारनामा किया है, जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। राजा राम ने एक इलेक्ट्रिक बाइक बनाई है|

इसमें सूखा सेल का उपयाेग किया गया है। एक बार चार्ज करने पर 50 किलाेमीटर चलती है। इसे बनाने में एक महीना लगा है। यह बाइक दो घंटे में फुल चार्ज हाे जाती है।
महज 15 हज़ार है कीमत
इसे बनाने में 15 हजार की लागत आई है। करीब एक महीने की कड़ी मशक्कत के बाद बाइक सड़क पर चलने को तैयार है। राजा राम की इलेक्ट्रिक बाइक सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। लोग इसे जमकर शेयर कर रहे हैं।

राजाराम भागलपुर के सलेमपुर सैनी गांव के रहने वाले हैं। इनके पिता अभय राम मजदूरी करते हैं। इलेक्ट्रिक बाइक की वीडियो की सच्चाई जानने दैनिक भास्कर की टीम राजा राम के गांव पहुंची। राजा राम के साथ बातचीत की।
महंगा पेट्रोल से मिलेगा छुटकारा
भागलपुर शहर से 38 किमी की दूरी पर बसा है सलेमपुर सैनी गांव। इसके 50 किमी के दायरे में एक भी अच्छी और पक्की सड़क नहीं है। राजाराम ने इसी इलाके से लोगों को अपनी तरफ आकर्षित किया।

राजा राम के बाइक को दैनिक भास्कर की टीम ने भी चलाया। राजा राम ने भास्कर से बातचीत के दौरान बताया कि उसने यह बाइक मजदूरों के लिए बनाई है। इससे कम पैसे में सभी मजदूरों को यह बाइक उपलब्ध हो पाएगी।
इसकी कीमत 15 हजार है, जिससे खरीदने में ज्यादा परेशानी नहीं होगी। पेट्रोल की भी चिंता नहीं करनी है। 2 घंटे की चार्जिंग में 50 किमी तक आसानी से चल सकती है।
बिहार सरकार से मदद की है गुहार
राजा राम ने यह भी बताया कि बाइक में और भी ज्यादा तकनीकी सुविधा दी जा सकती है। लेकिन, उसमे और रिसर्च करने के लिए पैसे नहीं है। सरकार अगर आर्थिक मदद दे तो वो बाइक में ऐसी रिसर्च करेंगे, जिससे बाइक बिना चार्ज किए ही चलेगी।

बाइक जितना चलेगी, उतनी चार्ज होते जाएगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसमें असफलता भी हाथ लग सकती है। साथ ही राजा ने बताया कि इस बाइक को चाबी के साथ साथ फोन से भी स्टार्ट किया जा सकता है।
लोग पहले पागल बोलते थे, अब करते हैं तारीफ
राजाराम ने बताया कि जब वो 8 साल के थे, तभी से इलेक्ट्रॉनिक के खराब समानों पर रिसर्च करते आ रहे हैं। पहले भी कभी पंखा तो कभी पानी का पंप बनाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं ये सब काम करता था तो कुछ लोग मुझे पागल बोलते थे।

कहते थे कि ये क्या पागलपन है। लेकिन, अब मुझे इलेक्ट्रिक बाइक से सफलता मिली है। इसके बाद लोग मेरी तारीफ करने लगे हैं |
परिजनों ने हमेशा दिया साथ
राजा राम ने अपने तीन छोटे-छोटे कमरे वाले घर के एक हिस्से में अपना रिसर्च सेंटर बना रखा है। यहां वो नई-नई चीज रिसर्च करते रहते हैं।
राजा कहते हैं कि माता-पिता ने उनकी इस आदत पर कभी गुस्सा नहीं किया। वो जो भी एक्सपेरिमेंट करते थे। वो कभी नहीं टोकते थे।

