बिहार में पतियों से अधिक पत्नियां ताकतवर, CM नितीश का दावा हो रहा सही साबित, देखिये बाकी राज्यों का हाल

Bihar Wives Are The Most Powerful In Country Ahead Of Their Husbands

बिहार की महिलाएं आर्थिक रूप से सबल हो रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह दावा सही साबित हो रहा है कि उनके कार्यकाल में महिला सश्क्तीकरण का काम तेजी से हुआ है और बड़ी संख्या में महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर हुई हैं, बल्कि घर चलाने में पति के साथ आर्थिक रूप सेभी सहयोग कर रही हैं।

हाल में आये नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट ने भी इस बात को पुख्ता किया है। सर्वे रिपोर्ट के आंकड़ों को अगर देखा जाए तो साफ़ दिखता है की पति से अधिक कमाई करने के मामले में बिहार की महिलाएं दिल्ली, झारखंड, ओड़िशा समेत कई राज्यों से आगे हैं।

Women of Bihar are becoming financially strong
बिहार की महिलाएं आर्थिक रूप से सबल हो रही हैं

इस रिपोर्ट के अनुसार निर्णय लेने वाली महिलाओं के शिक्षा का स्तर पर भी देखा गया। इसके तहत शिक्षा का स्तर बढ़ने के साथ निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ी है।

होम मिनिस्टर की भूमिका में महिलाएं

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में 45.6 फीसदी महिलाएं पति से ज्यादा कमाई करती हैं। वहीं झारखंड में यह आंकड़ा 40, ओडिशा में 33.6 और दिल्ली में 33.3 फीसदी है।

इतना ही नहीं अपने और पति के पैसे खर्च करने का फैसला लेने में भी बिहारी महिलाएं आगे हैं। घर के बजट से लेकर रिश्तेदरों और पढ़ाई पर इन पैसों को कैसे खर्च करना है, यह निर्णय 91.3 फीसदी बिहारी महिलाएं लेती हैं।

women in the role of home minister
होम मिनिस्टर की भूमिका में महिलाएं

इन सभी फैसलों में महिलाएं पति का सहयोग जरूर लेती हैं, लेकिन होम मिनिस्टर की भूमिका में महिलाएं ही रहती हैं।

कमाई और घर के बजट से लेकर निर्णय लेने में आगे

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार बिहार की महिलाएं शादीशुदा जीवन में भी कमाई और घर के बजट से लेकर
निर्णय लेने में आगे हैं। बिहार मेंअपनी कमाई के निर्णय में 91.3 फीसदी तो पति की कमाई को कैसे खर्च करना है, इसके निर्णय
में 79.5 आगे हैं।

मध्य प्रदेश में 43.0 फीसदी महिलाएं कमाई में पति से आगे हैं, वहीं यहां की 85 फीसदी महिलाएं अपनी कमाई और 74.3 फीसदी महिलाएं पति की कमाई के खर्च का निर्णय पति के साथ मिलकर लेती हैं।

From earning and household budget to ahead in decision making
कमाई और घर के बजट से लेकर निर्णय लेने में आगे

उत्तर प्रदेश में 40.9 फीसदी महिलाएं कमाई में आगे हैं, जबकि यहां की 85.6 फीसदी महिलाएं ही खर्च का निर्णय ले पाती हैं। असम में 39.6 फीसदी, मणिपुर में 44, सिक्किम में 26.4, उत्तराखंड में 31.5 फीसदी, राजस्थान में 37.8 फीसदी, पंजाब में 39.7 फीसदी महिलाएं कमाई में आगे हैं।

पति को ना कहने की हिम्मत रखती है

बिहार की महिलाओं में मर्जी से जीने की आजादी अधिक है। बिहार की महिलाएं अपने शादीशुदा जीवन में भी ना कहने की
हिम्मत और मर्जी से जीने की आजादी में अन्य राज्यों से आगे हैं।

रिपोर्ट के अनुसार बिहार में 81.7 फीसदी महिलाएं ऐसी हैं, जो शादीशुदा जीवन को लेकर निर्णय लेती हैं और पति को ना कहने की हिम्मत रखती हैं।

Women of Bihar have more freedom to live as they wish
बिहार की महिलाओं में मर्जी से जीने की आजादी अधिक है

पंजाब में 73.2, राजस्थान में 79.2, अरुणाचल प्रदेश में 63.3, असम में 77.3, आंध्रप्रदेश में 79.3, कर्नाटक में 81.4, प.बंगाल में 79.5 फीसदी यह आंकड़ा है।

खास यह कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के आंकड़ों के बीच बहुत कम अंतर है। ग्रामीण क्षेत्र मेंजहां 81.4 फीसदी महिलाएं निर्णय लेती हैं, वहीं शहरी क्षेत्र मेंयह आंकड़ा 84.8 का है।