शिक्षक दिवस: फीस के बदले बच्चों से 18 पौधे लेते हैं बिहार के शिक्षक राजेश सुमन, जानिये ट्रीमैन के बारे में
समाज में बदलाव के प्रयास और बदलाव से जुड़ी अनेकों कहानियां हम तक किसी न किसी रूप में पहुँचती ही रहती है, उन्ही कहानियों में से एक कहानी है बिहार के एक शिक्षक की जो आजकल सुर्खियों में है। बिहार के समस्तीपुर जिले के शिक्षक राजेश सुमन अपने कोचिंग में छात्रों से फीस के नाम पर केवल 18 पौधे लेते है।
दरअसल राजेश कुमार निशुल्क कोचिंग चलाते हैं और अलग-अलग सरकारी नौकरियों की तैयारी में लगे छात्रों को ट्यूशन देते हैं. इसके बदले वे छात्रों से सिर्फ 18 पौधे लेते हैं. छात्र भी खुशी-खुशी यह गुरुदक्षिणा चुका देते हैं। इसी वजह से राजेश को बिहार का ट्रीमैन या ऑक्सीजन मैन का कहते है।
अब तक लगा चुके है एक लाख से अधिक पौधे
कोचिंग के छात्रों से पौधे लेने के साथ साथ राजेश बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में जाते हैं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ने के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं. उन्होंने अब तक एक लाख दस हजार पौधे अलग-अलग इलाकों में लगाये हैं. वे समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र के ढरहा गांव के कुशवाहा टोल के रहनेवाले हैं और बीएसएस क्लब के नाम से ग्रीन पाठशाला चलाते हैं।
राजेश जब राज्य के अलग अलग इलकों में जाते है तो इनके गले में एक तख्ती लटकी होती है. जिस पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, जल बचाओ जीवन बचाओ, सांसे हो रही है आओ पेड़ लगाये हम जैसी स्लोगन लिखी होती है. इसके अलावे इनके सर पर टोपी होती है, जिसमें पर्यावरण और जल बचाने का स्लोगन लिखी होती है. बेटी के सम्मान में पौधरोपण करते समय गांव वालों को कन्या भ्रूण हत्या व बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए भी आम जनों को जागरूक करते रहते हैं।
18 पौधे ही क्यों
बच्चों से 18 पौधे ही क्यों लिये जाते हैं, इसके पीछे भी अहम कारण है. राजेश इसका वैज्ञानिक कारण बताते हैं. कोई व्यक्ति अपनी पूरी जिंदगी में इतना ऑक्सीजन लेता है, जितना 18 पौधे पैदा करते हैं. इसलिए एक छात्र से 18 पौधे लिये जाते हैं. वर्ष 2008 से अब तक लगभग पांच हजार छात्रों को कोचिंग की सुविधा दी गयी है.


