बिहार का सबसे पुराना स्कूल,जहां से पढ़ें हैं बड़े-बड़े हस्तियां, देखें तस्वीरें

BIHAR OLD SCHOOL

BIHAR OLD SCHOOL:किसी ने क्या खूब कहा है कि आपने बिहार में नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा आज बिहार के बच्चे अपने ज्ञान शिक्षा उन्नत और मेहनत से देश के साथ-साथ विदेशों में भी बिहार का नाम रोशन कर रहे हैं और साथ ही बिहार के बच्चे जब बड़े होकर बड़े अफसर आईएस आईपीएस अफसर बनते हैं तो घर का माहौल बदल जाता है|

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इस सरकारी स्कूल से पढ़कर निकले छात्र बने देश की बड़ी राजनीतिक हस्तियां

  

मां-बाप के साथ-साथ पूरे बिहार का नाम रोशन हो जाता है और यह सब देश-विदेश में नहीं बल्कि बिहार में ही संभव है बिहार तिल है तो पटना धड़कन ऐसे में हम आपको इस रिपोर्ट में बिहार के एक ऐसे स्कूल के बारे में बताएंगे जो 187 साल से भी अधिक पुराना है और जहां से प्रसिद्ध नेताओं के साथ बॉलीवुड के कई बड़े-बड़े हस्ती ने अपनी पढ़ाई की थी और देश-दुनिया में बिहार का नाम खूब रोशन कर रहे हैं|

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1845 से स्थापित गया के जिला स्कूल की हालत बेहद खराब है.

आपको बता दें कि पटना कॉलेजिएट स्कूल बिहार का गौरव है 147 साल से भी अधिक पुराना इस स्कूल ने माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में अपने आप को हमेशा अच्छा बनाए रखा है और साथ ही यहां केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि छात्रों का पर्सनैलिटी डेवलपमेंट भी खूब होता है आप इसी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की सूची देख लेंगे तो इनके नामों को जानकर हैरान रह जाएंगे

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इसकी पहचान देशभर में पहले से ही है

आपको बता दें कि इस स्कूल से निकलने वाले ऐसे छात्र हैं जिन्होंने भारत के निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है छात्र आंदोलन के जनक जयप्रकाश नारायण ने इसी स्कूल से शिक्षा ग्रहण की थी और उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने लायक था पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री रहे विधान चंद्र की स्कूलिंग यहीं से हुई थी ।

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बिहार के पहले उपमुख्यमंत्री अनुग्रह नारायण सिंह रहे छात्र

यहां से इसके अलावा सत्रुघन सेना रविशंकर प्रसाद और पूर्व न्यायमूर्ति आफताब आलम और न्यायाधीश सुधीर कुमार कटारिया अभिनेता कुणाल सुनील कुमार आईपीएस और साथी बॉलीवुड कलाकार विनीत कुमार और यशवंत सिन्हा जैसे अपने शुरुआती पढ़ाई इसी स्कूल से की थी।

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हाईकोर्ट जज अश्विनी कुमार भी रहे हैं छात्र

आज के समय में अपना नाम देश विदेश में खूब रोशन कर रहे हैं और साथ ही साथ बिहार का भी मान सम्मान बढ़ा रहे हैं बता दें कि सत्यजीत रे के 1950 में आई सीमा बाद में इस स्कूल का जो चित्रण किया गया है उसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे स्कूल बिहार बोर्ड के अंतर्गत आता है और इस स्कूल में बिहार बोर्ड के सिलेबस के अंतर्गत पढ़ाई होती है।