बिहार में इलेक्ट्रॉनिक टोटल मशीन से होगी जमीन की मापी, अब नहीं होगी एक इंच की भी गड़बड़ी
राज्य में जमीन से जुड़े मामले को और बेहतर और सुदृढ़ करने के लिए सरकार तरह तरह के प्रयोग और नियमों को लेकर आती रहती है, इसी क्रम में जमीन की मापी के लिए इटीएस (इलेक्ट्रानिक टोटल मशीन) की खरीद की समीक्षा की गई। जल्द ही 711 मशीनों की खरीद होनी है, जिसके लिए जिलों को रुपये दिए जा चुके हैं।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नए साल के लिए एजेंडा तय किया है, इस एजेंडा में साल 2021 की सभी लंबित योजनाएं जमीन पर उतरने का लक्ष्य रखा गया है। विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यही एजेंडा सौंपा।
ऐसे काम करता है ईटीएस
मापी के लिए उपयोग की जाने वाली नई मशीन का नाम है इलेक्ट्रॉनिक टोटल स्टेशन (ईटीएस), इस मापन प्रक्रिया के तहत अमीन मशीन को किनारे पर खड़ा कर देंगे और मापी करने वाले खेत के किनारे पर प्रिज्म रख देखें।
बटन दबाते ही मशीन से किरणें निकलेंगी और प्रिज्म से प्रिज्म की दूरी रिकॉर्ड कर लेगी, इसमें जीपीएस का भी उपयोग मापी के लिए होगा। खास बात यह है कि इस माध्यम से एक साथ 50 प्लॉटों की मापी की जा सकेगी।
ये सब हैं सरकार की प्राथमिकता
स्पेशियल म्युटेशन के जरिए दाखिल-खारिज, भूमि सर्वेक्षण का अंतिम रूप से प्रकाशन, राजस्व नक्शों की डोर स्टेप डिलीवरी, अंचल अभिलेख भवनों को कार्यकारी बनाना, आधुनिक अभिलेखागारों में डाक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम और रिकार्ड मैनेजमेंट सिस्टम के तहत दस्तावेजों को रखना और लोगों से मामूली शुल्क लेकर राजस्व दस्तावेज उपलब्ध कराना।

