बिहार के इन पर्यटन स्थलों की बदलेगी सूरत, इन जगहों पर होगा विशेष जोर, बढ़ेगी सुविधाएँ
बिहार में पर्यटन की आपार संभावनाएं है लेकिन पर्यटन स्थलों पर सुविधाएँ नहीं होने के कारण दूसरे प्रदेश या बाहर के लोग यहाँ आने से कतराते है, हालाँकि दूसरी तरफ राज्य की सरकार कई योजनाएं भी चला रही है इन स्थलों को दुरुस्त करने को लेकर।
इसी कड़ी में बिहार सरकार का पर्यटन विभाग राज्य के उत्तरी हिस्से में नए पर्यटन केंद्रों को विकसित करने की योजना बना रहा है जिसके अंतर्गत गाँधी जयंती यानि 2 अक्टूबर के दिन से नए पर्यटन केंद्रों को विकसित करने के योजना पर काम शुरू होगा।
इन जगहों पर होगा विशेष जोर
आपको बता दे की उत्तर बिहार में सबसे अधिक वैशाली, केसरिया, बेतिया, मोतिहारी और बाल्मिकी नगर के पर्यटन केंद्रों पर विशेष तौर से फोकस किया जायेगा, इन जगहों पर पर्यटन मंत्री नारायण प्रसाद के साथ विभागीय अधिकारी निरीक्षण करेंगे और वहां पर्यटन के विकास की संभावनाएं तलाशेंगे।
ऐसे पर्यटन केंद्रों को प्राथमिकता में रखेंगे, जो स्थानीय या जिलास्तर पर तो लोकप्रिय हैं, मगर उसकी ख्याति राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर नहीं है। ऐसे पर्यटन स्थलों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके अलावा पर्यटन के नक्शे पर मौजूद केंद्रों पर भी पर्यटक सुविधाएँ बढ़ाने पर जोर होगा।
अधिकारी करेंगे भ्रमण
राज्य सरकार के इस योजना को जमीन पर उतारने और पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए पर्यटन विभाग के अधिकारी संबंधित जिलों में डीएम के साथ बैठक करेंगे। उनके जिलों के पर्यटन क्षेत्रों की रिपोर्ट लेंगे, ताकि वहां बेहतर काम की संभावनाएं तलाशी जा सकें। विभागीय अधिकारी एक सप्ताह तक इन इलाकों में रह कर भ्रमण भी करेंगे। पर्यटन केंद्रों को विकसित करने के लिए संसाधनों की आवश्यकता व राशि का भी ब्योरा तैयार किया जाएगा।
आपको बता दें कि हाल के दिनों वीटीआर (VTR) और राजगीर में पर्यटन सुविधाओं का खूब विकास हुआ है। वहीं बांका में हाल में नए रोपवे का शुभारंभ किया गया है। बोधगया पहले से ही विदेशी पर्यटकों का पसंदीदा ठिकाना है।

