बिहार सरकार को नहीं मिल रहे योग्य शिक्षक, 22 जिलों में भर पाए 10 फीसदी से कम पद
छठे चरण के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में शिक्षक शुक्रवार को नियोजन पत्र बांटे जा चुके हैं। चुने गये शिक्षकों की संख्या बेहद कम है। अब तक 22 जिलों की रिपोर्ट आ चुकी है़। इसमें अधिकतम 10 फीसदी से कम ही शिक्षक चुने गये हैं।
पटना जिले में ही कुल 2056 पदों में से केवल 219 भरे जा सके हैं। कमोबेश सभी जिलों में यही स्थिति है़ पटना में माध्यमिक स्कूलों के लिए कुल 1070 पदों में 137 और उच्च माघ्यमिक स्कूलों के आवंटित कुल 986 पदों में 82 पद ही भरे जा सके हैं।
जरूरत के शिक्षक किसी भी जिले को नहीं मिले
हैरत की बात है कि किसी भी विषय में जरूरत के शिक्षक किसी भी जिले को नहीं मिले है। सीवान में माध्यमिक शिक्षकों के कुल पदों में 211 पदों में 20 पद और उच्च माध्यमिक में 616 पदों में केवल 12 शिक्षक ही मिले हैं।

कटिहार जिले में 284 माध्यमिक शिक्षक पद में 38 ही भरे जा सके हैं। गोपालगंज में माध्यमिक के 267 पदों में 37 और उच्च माध्यमिक के कुल 598 पदों केवल 18 ही चयनित हो सके हैं।
सीतामढ़ी जिले के 293 माध्यमिक शिक्षकों की रिक्तियों में 54 भरे

सीतामढ़ी जिले के 293 माध्यमिक शिक्षकों की रिक्तियों में 54 और 589 रिक्तियों में 12 ही योग्य शिक्षक मिल सके हैं। भोजपुर में माध्यमिक के कुल 14 पदो में चार और उच्च माध्यमिक की 594 रिक्तियों में केवल 27 शिक्षकों का चयन हो सका है़ पूर्वी चंपारण (मोतिहारी ) जिले में माध्यमिक की रिक्तियां 503 थीं। इसमें केवल 131 पद ही भरे जा सके़।
अररिया में में माध्यमिक के 242 पदों में से केवल 35 भरे जा सके
अररिया में में माध्यमिक के 242 पदों में से केवल 35 और उच्च माध्यमिक में 302 पदों में केवल आठ, मुजफ्फरपुर में उच्च माध्यमिक में कुल 26, किशनगंज जिले में 165 पदों में केवल 28, मधेपुरा में माध्यमिक में 176 में 30 और उच्च माध्यमिक में कुल रिक्त पदों में 293 में कुल नौ पद ही भरे जा सके हैं। इसी तरह की स्थिति अन्य जिलों की रही है़।


