ED ने 1000 करोड़ के घोटाले में कारोबारी प्रणव कुमार घोष को किया गिरफ्तार

बिहार के बहुचर्चित सृजन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है, इस मामले को लेकर ईडी ने भागलपुर के बड़े कारोबारी प्रणव कुमार घोष (Pranav Kumar Ghosh) को गिरफ्तार कर लिया है। पीके घोष को पिछले दो दिनों से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी की बात सामने आई है।

उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग (Money Laundering) के मामले में कार्रवाई की गई है, यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय के सहायक निदेशक संतोष कुमार मंडल के नेतृत्व में की गई है. कारोबारी पीके घोष पर सृजन घोटाले की साजिश में मुख्य सलाहकार की भूमिका निभाने का आरोप लगा है।

मिली जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से नोटिस भेज प्रणव को पटना बुलाया गया था पूछताछ के लिए, मामले को लेकर दो दिनों तक लम्बी पूछताछ भी हुई। घोष ने सृजन से पैसे लेकर पुणे के बंगला खरीदने की बात कही लेकिन ईडी ने करीब दर्जन भर सबूत घोष के सामने रख कर उनकी बोलती बंद कर दी. ईडी ने अपार्टमेंट बिजनेस और बाजार में संचालित कपड़े के व्यापार में निवेश की भी जानकारी ली है।

बताते चलें सृजन घोटाला भागलपुर के साथ-साथ सहरसा और बांका में भी उजागर हुआ था. जांच में पाया गया था कि 2003-04 और 2007-08 में पीके घोष ने सृजन महिला विकास सहयोग समिति में प्रोफेशनल टैक्स सलाहकार के रूप में काम किया. उनके ऊपर आरोप है कि वे सृजन के कार्यालय में नियमित रूप से आते जाते रहते थे और मनोरमा देवी का सहयोग किया करते थे. मनोरमा देवी के बेटी के बयान के हवाले से कहा गया कि वह उनके मुख्य सलाहकार रहे सृजन घोटाले में हुई लूट के दौरान पीके घोष ने भी जबर्दस्त फायदा लिया. पीके घोष मनोरमा देवी बैंक के अधिकारियों और सरकारी कर्मियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका में थे।