पटना के मरीन ड्राइव की तरह बागमती तट को किया जाएगा विकसित, जानिए क्या है बिहार सरकार का प्लान?

Bagmati Beach In Darbhanga Will Also Be Developed As Patna Marine Drive

बिहार की राजधानी पटना में गंगा नदी के किनारे बना मरीन ड्राइव लोगों को काफी आकर्षित करता है। और अब यह जगह लोगों के लिए अपने परिवार के साथ घूमने के लिए एक सैर सपाटे की जगह की तरह विकसित हो चूका है।

अब ताजा खबर है की पटना में बने मरीन ड्राइव की तर्ज पर दरभंगा में भी बागमती नदी के किनारे को विकसित किया जाएगा। नदी किनारे मरीन ड्राइव की तरह पाथ वे भी बनाया जाएगा।

बिहार के जल संसाधन व सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने ये बाते कही। आपको बता दे की वो यहाँ बहादुरपुर प्रखंड की सिमरा-नेहालपुर पंचायत के चतरिया गांव में बागमती नदी किनारे वन रहे पक्का घाट के निरीक्षण कर रहे थे।

जल्द से जल्द काम खत्म करने का निर्देश

विभाग की ओर से किये जा रहे पक्का घाट व पेवर ब्लॉक के कार्य को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की। इसके बाद उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द काम खत्म करने का निर्देश भी दिया।

अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि – “एक सप्ताह के अंदर काम पूर्ण कर लिया जायेगा।” इस पर मंत्री ने 15 जुलाई तक काम ख़त्म करने को कहा। संजय कुमार झा ने विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद से घाट को और अधिक विकसित करने को कहा है।

लोगों को टहलने के लिए एक बेहतर विकल्प

चतरिया गाँव शहरी क्षेत्र में आता है। अगर इसे मरीन ड्राइव की तरह बना दिया जाय, तो आसपास के लोगों को टहलने के लिए एक बेहतर विकल्प मिल जाएगा।

संजय कुमार झा ने अधिकारियों से इसके आसपास के इलाकों को हरा-भरा करने की दिशा में पौधे लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घाट के आसपास पेड़-पौधे लगाने से लोगों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा।

जिससे प्रदूषण पर भी लगाम लगेगा। अधिकारियों को घाट को और अधिक समतल करने को कहा गया। घाट के समतल होने पर लोग आसानी से टहल सकेंगे।

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पेवर ब्लॉक की जगह पर पीसीसी सड़क का निर्माण

निरीक्षण के दौरान वार्ड सदस्य गंगेश मिश्र ने मंत्री को सुझाव दिया कि घाट के ऊपर लगाए जा रहे पेवर ब्लॉक की जगह पर पीसीसी सड़क का निर्माण कराया जाना बेहतर है।

इसपर मंत्री ने हामी भरते हुए अधिकारियों को इसका एस्टीमेट बनाने का निर्देश दिया। मौके पर जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद, ग्रामीण बचनू झा, मनोहर झा, प्रदीप झा, मोहन यादव, रोहित, भागीरथ झा आदि मौजूद थे।

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