ये है अरविन्द अकेला उर्फ़ कल्लू की पत्नी, जानिए इनके बारे में

Arvind Akela Kallu Wife

आप सभी पाठकों के लिए हम कल्लू से जुड़ी रोचक एवं एक्सक्लूसिव जानकारियां लेकर आए हैं। क्या आप जानते हैं कि कल्लू की पत्नी शिवानी पांडेय कौन हैं? भोजपुरी कलाकार अरविंद अकेला कल्लू ने मीडिया से अपने जीवन से जुड़ी बहुत सारी बातें साझा की।

कल्लू बताते हैं कि फिल्मी दुनिया में काम करने के बाद भी उन्होंने अपनी रियल लाइफ में किसी मॉडल अथवा अभिनेत्री को जगह नहीं दी क्योंकि वो शुरू से चाहते थे कि उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला उनके माता-पिता ही लें। इसलिए एक साधारण परिवार की लड़की से शादी की।

 

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शिवानी यूपी के मऊ की रहने वाली हैं

कल्लू की पत्नी शिवानी पांडेय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिला के सवनी गांव की रहने वाली हैं। शिवानी के पिताजी का नाम संतोष पांडेय है जबकि माताजी का नाम नीलम पांडेय है। शिवानी एक भाई और एक बहन हैं।

शिवानी बड़ी हैं और उसके छोटे भाई का नाम रिशु पांडेय है जो फिलहाल बनारस में ही पढ़ाई कर रहा है। शिवानी का पूरा परिवार बनारस के बड़ी पट्टिया रोड स्थित अपने मकान में रहता है। शिवानी के परिवार का गांव पर बहुत कम आना जाना रहता है।

शिवानी के चाचा सहित अन्य पाटीदार गांव सवनी में ही रहते हैं। कल्लू ने बताया कि शिवानी के पिताजी एक मध्यमवर्गीय व्यवसायी हैं। जिनका खुद का व्यवसाय बनारस में ही है। शिवानी एक पढ़ी लिखी लड़की हैं।

शिवानी ने काशी विद्यापीठ से बीकॉम की पढ़ाई इस बार फाइनल की है। उन्होंने बताया कि शिवानी अपना पढ़ाई आगे भी जारी रखेगी, उसे जितना पढ़ना होगा उसे पढ़ने दिया जाएगा।

शिवानी को फिल्मों में लाने का नहीं है इरादा

कल्लू ने बताया कि पत्नी शिवानी को फिल्मों में लाने का कोई सोच नहीं है। वह घर पर रहकर उनके माता-पिता की सेवा करेंगी और वे भोजपुरी इंडस्ट्री में फ़िल्म व एलबम बनाने का काम करते रहेंगे।

कल्लू ने बताया कि उन्होंने लव मैरिज नहीं की है बल्कि परिवार के इच्छा अनुसार माता-पिता के मन पसन्द लड़की शिवानी से अरेंज मैरिज काशी विश्वनाथ के पवित्र धरती पर की है।

उन्होंने बताया कि साधारण लड़की के साथ उनकी शादी की चर्चा अंदरूनी रूप से परिवार में काफी पहले से ही चल रही थी, लेकिन इसको सार्वजनिक नहीं किया जा रहा था।

कल्लू ने बताया कि शादी में अत्यधिक लोगों की भीड़ हो जाने पर व्यवस्थाएं गड़बड़ होने की संभावना थी। जिसको लेकर शादी के दिन तक गोपनीयता बरती गई।

उन्होंने कहा कि शादी के लिए काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी से बेहतर कोई और जगह नहीं लगा। इसलिए उन्होंने शिवानी के साथ सात फेरे बनारस में ही लिए।

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