बिहार के छोटे से गांव के रहने वाले आनंद वर्धन का जलवा,तीन बार हुए फ़ैल चौथी बार बने यूपीएससी टॉपर
यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको असफलताओं से घबराए बिना लगातार मेहनत करनी होती है. इसके लिए बेहतर रणनीति बनाना भी काफी जरूरी होता है|

यूपीएससी का सफर हर कैंडिडेट के लिए अलग अनुभव वाला होता है. कोई यहां पहले प्रयास में सफलता प्राप्त कर लेता है, तो किसी को अपना सपना पूरा करने के लिए कई सालों तक संघर्ष करना पड़ता है|

आज आपको यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा 2016 में ऑल इंडिया रैंक 7 प्राप्त कर आईएएस अफसर बनने वाले आनंद वर्धन की कहानी बताएंगे, बिहार के एक गांव से निकलकर यूपीएससी में सफलता हासिल की. उन्हें यह सफलता अपने चौथे प्रयास में मिली.
आनंद की पढ़ाई

आनंद वर्धन मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं. वे पढ़ाई में हमेशा से होशियार थे और उनकी इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई अपने शहर में हुई. इसके बाद आनंद ने इंजीनियरिंग में अपना करियर बनाने का मन बनाया|
इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्हें नौकरी मिल गई. अब तक उनके मन में यूपीएससी का कोई ख्याल नहीं था. लेकिन कुछ समय तक नौकरी करने के बाद उन्होंने आईएएस बनने की ठानी

असफलता मिलने के बाद भी नहीं छोड़ा तैयारी
आनंद ने नौकरी के साथ ही यूपीएससी सिविल सर्विस की तैयारी करने का फैसला किया. उन्होंने वीकेंड्स पर अपनी पढ़ाई के लिए ज्यादा समय दिया, तो हर दिन ऑफिस के बाद कुछ घंटे पढ़ाई के लिए निकाले

हालांकि शुरुआती 3 प्रयासों में वे प्री-परीक्षा में पास नहीं हो पाए. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे. आखिरकार चौथे प्रयास में उनकी किस्मत अच्छी रही
यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को आनंद की सलाह
आनंद का मानना है कि यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने के लिए कोचिंग ज्वाइन करना या न करना आपके ऊपर निर्भर करता है|

अगर आपके पास सही गाइडेंस है तो आप बिना कोचिंग के लिए इस परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं. वे कहते हैं कि अच्छी रणनीति बनाकर अगर आप लगातार सही दिशा में प्रयास करेंगे, तो एक न एक दिन आपको सफलता जरूर मिलेगी.


